अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। ब्लॉक अछनेरा की ग्राम पंचायत मई में ब्लॉक प्रमुख निधि से कराए गए सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर लगे शिलापट्ट में कालीचरण के मंदिर से निरंजन के प्लॉट तक सीसी सड़क निर्माण कार्य दर्शाया गया है, जबकि मौके पर सड़क केवल कालीचरण के मंदिर से कल्लू के खेत तक ही बनाई गई है। उनका दावा है कि जहां करीब 300 मीटर सड़क का निर्माण होना था, वहां लगभग 150 मीटर ही सीसी सड़क बनाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के मात्र तीन दिन बाद ही कई स्थानों पर सीसी सड़क धंसने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता में भ्रष्टाचार के गड्ढे झांक रहे रहे हैं। इसकी निष्पक्ष जांच की जाए तो कई जिम्मेदारों की गर्दन फसेंगी, उनका दावा है कि उनके पास मौके के फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं का विरोध करने और शिकायत करने की बात उठाने पर उन्हें 9412315677 नंबर से फोन कर स्वयं को ब्लॉक प्रमुख बताते हुए पुलिस से उठवाने और जेल भेजने की धमकी दी गई तथा शिकायत न करने का दबाव बनाया गया।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, सड़क की वास्तविक लंबाई, निर्माण गुणवत्ता, भुगतान और कार्यदायी एजेंसी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित अवर अभियंता से पक्ष जानने के लिए कई बार फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका और उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।
इनका कहना है,,
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ग्रामीणों की लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।,,उपजिलाधिकारी किरावली अभिनव पाठक
सीसी सड़क निर्माण कार्य में ग्रामीणों के साथ खिलवाड़ किया गया है। शिलापट्ट पर दर्ज विवरण और मौके पर हुए निर्माण में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जो अनियमितता की ओर इशारा करता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।,,ग्रामीण गोविंद सिंह,ग्रामीण
अनियमितताओं का विरोध करने पर उन्हें ब्लॉक प्रमुख के नाम से बताए गए एक मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें शिकायत करने पर जेल भिजवाने की धमकी दी गई। उन्होंने ग्राम प्रधान की मिलीभगत से स्वीकृत निर्माण कार्य में घोटाला किए जाने का भी आरोप लगाया।,,देवेंद्र सिंह,ग्रामीण
लंबे समय के इंतजार के बाद गांव में सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन उसमें भी भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। शिलापट्ट पर अंकित विवरण और धरातल पर हुए कार्य में अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।,,गिरधारी राजपूत,ग्रामीण
” शिलापट्ट पर सड़क का निर्माण मेरे घर तक दर्शाया गया है, जबकि वास्तविक निर्माण वहां तक नहीं हुआ।बोर्ड पर दर्ज जानकारी और धरातल की स्थिति में बड़ा अंतर है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।साथ ही जांच पूरी होने तक उक्त निर्माण कार्य का भुगतान रोकने की मांग की है।,,निरंजन सिंह,ग्रामीण
