नगला झारिया और झारौटी के पीड़ितों ने बरामद सामान दिखाने और पहचान कराने की मांग की, पुलिस के खुलासे पर उठाए सवाल
अछनेरा। थाना क्षेत्र में पांच चोरी की घटनाओं के खुलासे की पुलिस की जानकारी सामने आने के बाद नगला झारिया और झारौटी गांव के पीड़ित रविवार को थाने पहुंच गए। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें पुलिस की ओर से चोरी के खुलासे की कोई सूचना नहीं दी गई। उन्हें सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से घटनाओं के खुलासे की जानकारी मिली।

नगला झारिया निवासी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि 10 सितंबर को उनके घर से करीब 20 से 25 लाख रुपये के आभूषण और अन्य सामान चोरी हुआ था। इनमें उनकी और उनकी बहन की शादी के लिए रखे गहनों के साथ उनकी मां के आभूषण भी शामिल थे। प्रवीण के मुताबिक, रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि पुलिस ने नगला झारिया की चोरी का भी खुलासा किया है। इसके बाद वह थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें बरामद आभूषण और अन्य सामान दिखाकर पहचान नहीं कराई गई।उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने उनके घर हुई चोरी का खुलासा किया है तो बरामद सामान की पहचान कराई जानी चाहिए, ताकि वह पुष्टि कर सकें कि बरामद आभूषण उनके ही हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया।वहीं, झारौटी निवासी बंटा सिंह ने बताया कि 16 सितंबर को उनके घर चोरी हुई थी। समाचार के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस ने झारौटी की चोरी समेत पांच घटनाओं का खुलासा किया है। इसके बाद वह भी थाने पहुंचे। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी कि उनके घर से चोरी हुआ सामान बरामद हुआ है या नहीं। बरामद आभूषण और अन्य सामान भी उन्हें दिखाकर पहचान नहीं कराई गई।दोनों पीड़ितों ने मांग की कि चोरी की घटनाओं में बरामद सामान संबंधित पीड़ितों को दिखाकर उसकी पहचान कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बरामदगी उन्हीं के घरों से हुई चोरी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि पुलिस के खुलासे से वे फिलहाल संतुष्ट नहीं हैं।
