आगरा के आंवलखेड़ा में मीरा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक धर्मवीर प्रजापति ने जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया। उन्होंने दो जरूरतमंद बच्चों की स्कूल फीस जमा कराई, रक्तदान किया, वृक्षारोपण किया और 250 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्टेशनरी वितरित की।
आंवलखेड़ा (आगरा)। जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए मीरा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक धर्मवीर प्रजापति ने इस वर्ष अपना जन्मदिन “सेवा दिवस” के रूप में मनाया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा से जुड़े कई जनहितकारी कार्य कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
दो जरूरतमंद बच्चों की पूरे वर्ष की स्कूल फीस जमा कराई
जन्मदिन के अवसर पर धर्मवीर प्रजापति ने आर्थिक रूप से कमजोर दो जरूरतमंद बच्चों की पूरे वर्ष की स्कूल फीस जमा कराई। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बिना रुकावट अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
समाजसेवा की इस श्रृंखला में उन्होंने एक जरूरतमंद मरीज के लिए स्वेच्छा से रक्तदान भी किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है, जिससे किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण के लिए किया वृक्षारोपण
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से धर्मवीर प्रजापति ने पौधारोपण किया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है।
250 विद्यार्थियों को वितरित की निःशुल्क स्टेशनरी
सेवा कार्यक्रम के तहत प्राथमिक विद्यालय उस्मानपुर में आयोजित समारोह में 250 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई। बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित भी किया गया।
स्टेशनरी पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। विद्यालय परिवार ने इस पहल को शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
“जरूरतमंद की मुस्कान ही सबसे बड़ा उत्सव”
इस अवसर पर धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि,
“जन्मदिन केवल केक काटने या उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का भी दिन होना चाहिए। यदि हमारे जीवन का कोई विशेष दिन किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सके, तो वही सबसे बड़ा उत्सव है।”
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय लोगों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने धर्मवीर प्रजापति के सेवा-भाव की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने शिक्षा, रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक कार्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।
समाजसेवा से जुड़ी इस पहल ने यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत खुशियों को यदि समाजहित के कार्यों से जोड़ा जाए, तो उनका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और प्रेरणादायक हो सकता है।
