आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के तीन बूथों पर री-पोल के दौरान खेरागढ़ और सैंया में भाजपा-सपा कार्यकर्ता आमने-सामने आए। 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
- खेरागढ़ में दोपहर दो बजे आमने-सामने आए भाजपा-सपा कार्यकर्ता
- सैंया बूथ पर लगे नारे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
- 23 अक्टूबर के मतदान पर शिकायत के बाद हुआ पुनर्मतदान
- पुनर्मतदान में भाजपा और सपा के दिग्गज नेता सक्रिय
- मतपेटियां नवीन मंडी समिति के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
- डीएम मनीष बंसल ने मतगणना स्थल का किया निरीक्षण
- मतगणना में पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर
- 12 जिलों के चुनावी नतीजों पर रहेगी नजर
- अब 27 अक्टूबर को मतगणना पर टिकी निगाहें
आगरा। आगरा खंड शिक्षक एमएलसी निर्वाचन-2026 के तहत सोमवार को तीन बूथों पर कराए गए पुनर्मतदान के दौरान खेरागढ़ और सैंया में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी से मतदान केंद्रों के आसपास कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कर बूथ परिसर से बाहर भेज दिया। इसके बाद मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के एक-एक बूथ पर सोमवार सुबह 8 बजे से पुनर्मतदान शुरू हुआ था। इन तीनों बूथों पर कुल 2,346 मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। शाम 4 बजे मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियां मतपेटियां लेकर आगरा के फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन मंडी समिति पहुंचीं। मतपेटियों को निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। अब सभी की निगाहें मंगलवार, 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
खेरागढ़ में दोपहर दो बजे आमने-सामने आए भाजपा-सपा कार्यकर्ता
पुनर्मतदान के दौरान खेरागढ़ में दोपहर करीब दो बजे भाजपा और सपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के समर्थकों की मौजूदगी के कारण मतदान केंद्र के आसपास तनाव का माहौल बन गया।
स्थिति को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया और उन्हें मतदान केंद्र से दूर भेज दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और मतदान प्रक्रिया जारी रही।
सैंया बूथ पर लगे नारे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
सैंया में भी पुनर्मतदान के दौरान भाजपा और सपा समर्थकों के बीच आमना-सामना हुआ। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए। माहौल गर्माता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग कर दिया।
पुलिस की सक्रियता के बाद मतदान केंद्र पर स्थिति सामान्य हो गई। मतदान प्रक्रिया में किसी बड़ी बाधा की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने संवेदनशील बूथों पर निगरानी बनाए रखी, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
23 अक्टूबर के मतदान पर शिकायत के बाद हुआ पुनर्मतदान
आगरा खंड शिक्षक एमएलसी निर्वाचन के लिए 23 अक्टूबर को हुए मूल मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने बूथ कैप्चरिंग और मतपत्रों से छेड़छाड़ सहित कई गंभीर शिकायतें की थीं।
शिकायतों और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था। इसी के तहत सोमवार को फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के संबंधित बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया।
प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए थे। शिकायतों के बाद हुए इस पुनर्मतदान को चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुनर्मतदान में भाजपा और सपा के दिग्गज नेता सक्रिय
तीनों बूथों पर पुनर्मतदान के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं की सक्रियता भी दिखाई दी। भाजपा की ओर से सांसद राजकुमार चाहर, स्थानीय विधायक और संगठन के पदाधिकारी सक्रिय रहे। वहीं सपा की ओर से राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दोनों दलों के नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने बूथों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र की निर्धारित सीमा से बाहर रखने का प्रयास किया, ताकि मतदान प्रभावित न हो।
मतपेटियां नवीन मंडी समिति के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
सोमवार शाम 4 बजे मतदान समाप्त होने के बाद तीनों बूथों की पोलिंग पार्टियां मतपेटियों के साथ नवीन मंडी समिति पहुंचीं। यहां मतपेटियों को निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है।
मतपेटियों की सुरक्षा और मतगणना स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है। अब मंगलवार को होने वाली मतगणना के बाद दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम सामने आएंगे।
डीएम मनीष बंसल ने मतगणना स्थल का किया निरीक्षण

पुनर्मतदान के बीच जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने सोमवार को फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन मंडी समिति में मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 की मतगणना से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मतगणना टेबलों, सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) टेबलों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मतगणना टेबल पर कैमरा, सीसीटीवी निगरानी, साउंड सिस्टम, मेज और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने चाहिए। मतगणना स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग के साथ शौचालय, अग्निशमन उपकरण, मेडिकल कैंप, मीडिया दीर्घा और जरूरी सूचनाओं के प्रदर्शन के लिए स्क्रीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
मतगणना में पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर
जिलाधिकारी ने मतगणना के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वीडियोग्राफी और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं को भी सक्रिय रखने को कहा।
प्रवेश व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। डीएम के अनुसार, मतगणना परिसर में केवल अधिकृत पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। मतगणना ड्यूटी में तैनात सभी कर्मचारियों को अपना पहचान पत्र अनिवार्य रूप से पहनना होगा।
इसके अलावा प्रवेश और निकास मार्ग, मतगणना कर्मियों की तैनाती तथा विभिन्न अधिकारियों के लिए निर्धारित स्थानों का भी निरीक्षण किया गया। प्रशासन का जोर मतगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने पर है।
12 जिलों के चुनावी नतीजों पर रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 में आगरा समेत 12 जिले शामिल हैं। इनमें आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, कासगंज, हाथरस, औरैया और कन्नौज शामिल हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के लिए आगरा की नवीन मंडी समिति को केंद्र बनाया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होनी है।
प्रशासन के अनुसार, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 14-14 मतगणना टेबल लगाए गए हैं। मतगणना कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती भी की गई है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप वर्मा, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) जुबैर बेग सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
अब 27 अक्टूबर को मतगणना पर टिकी निगाहें
तीन बूथों पर पुनर्मतदान संपन्न होने के बाद आगरा खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी निर्वाचन की प्रक्रिया अब मतगणना के चरण में पहुंच गई है। एक ओर प्रशासन ने परिणाम घोषित करने से पहले सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता के इंतजाम किए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा, सपा और अन्य प्रत्याशियों की निगाहें मंगलवार को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
पुनर्मतदान के दौरान खेरागढ़ और सैंया में कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की घटनाओं के बीच अब प्रशासन के सामने मतगणना को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की चुनौती है। 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावी मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
