शासन के निर्देश पर एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने की कार्यवाही, विद्यालय प्रबंधकों में मची खलबली
जैथरा, एटा: परिवहन विभाग ने बुधवार सुबह जैथरा कस्बे में स्कूल बसों पर कार्रवाई की। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में चले अभियान में चार स्कूलों की बसों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का पालन न करने पर तीन विद्यालयों की स्कूल बसों पर जुर्माना लगाया गया। अचानक हुई कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधकों में हड़कंप मच गया।
परिवहन विभाग की टीम ने आर डी साइंटिफिक इंटर कॉलेज जैथरा, एमआरएस इंटर कॉलेज जैथरा, एसएसएस पब्लिक स्कूल जैथरा की स्कूल बसों को चेक किया। जांच में सामने आया कि इनमें से तीन स्कूलों की बसों का संचालन यातायात कार्यालय से बिना अनुमति के किया जा रहा था। इसके बावजूद ये बसें बेखौफ होकर सड़कों पर छात्र-छात्राओं को लेकर दौड़ रही थीं।
एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए सभी दस्तावेजों पूर्ण करने के उपरांत ही विद्यालय वाहन का संचालन हो सकेगा।
नियम तोड़ने वाले स्कूल वाहनों पर जुर्माने के साथ विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
कार्रवाई के दौरान स्कूल प्रबंधक कागजात पूरे करने के लिए समय मांगते रहे। लेकिन एआरटीओ ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। हर हाल में मानकों का पालन करना होगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक स्कूल बस पीले रंग की होनी चाहिए, उस पर स्कूल का नाम लिखा होना चाहिए, चालक-परिचालक की वर्दी और आईडी जरूरी है। बस में महिला अटेंडेंट, सीसीटीवी कैमरा, आपातकालीन खिड़की और दरवाजे पर लॉक सिस्टम होना अनिवार्य है।
अभिभावकों ने विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्कूल मोटी फीस तो वसूलते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते। आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
एआरटीओ ने सभी स्कूल संचालकों को चेतावनी दी है कि 15 दिन के अंदर सभी कमियां दूर कर बसों के कागजात दुरुस्त करा लें। अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
