Agra Sanjay Place News: आगरा के संजय प्लेस की पार्किंग में शाम होते ही कथित शराबखोरी और हंगामे की शिकायतें। पुलिस चौकी से 20 कदम दूर अव्यवस्था, व्यापारियों ने मांगी नियमित गश्त।
- शाम होते ही पार्किंग में बदल जाता है माहौल
- पुलिस चौकी से महज 20 कदम दूर, फिर भी शिकायतें
- पहले चला था अभियान, कुछ दिन सुधरे हालात, अब फिर वही स्थिति
- महिलाओं और परिवारों को भी होती है परेशानी
- आगरा के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र की छवि पर असर
- व्यापारियों ने पुलिस से की नियमित गश्त की मांग
- बड़ा सवाल: पुलिस चौकी के इतने करीब कैसे हो रही कथित शराबखोरी?
आगरा। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस में शाम ढलते ही कुछ सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का माहौल बदलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। दिनभर जहां इस इलाके में व्यापारियों, ग्राहकों और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है, वहीं शाम होते ही कथित तौर पर कुछ लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर शराब पीते नजर आते हैं। शराबखोरी के बाद गाली-गलौज, तेज आवाज में हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतों ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस पार्किंग स्थल को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, वह पुलिस चौकी से महज 20 कदम की दूरी पर बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस की निगरानी और नियमित गश्त को लेकर सवाल उठने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि पहले पुलिस ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बनने लगी है।
शाम होते ही पार्किंग में बदल जाता है माहौल
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, संजय प्लेस में शाम होते ही कुछ सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर लोगों का जमावड़ा लगने लगता है। आरोप है कि कुछ लोग अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी कर उनके अंदर ही शराब पीते हैं। इसके बाद तेज आवाज में बातचीत, गाली-गलौज और हंगामा शुरू हो जाता है।
इससे पार्किंग में आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार वहां से गुजरने वाले लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि शाम के समय इस तरह का माहौल कारोबार और ग्राहकों की आवाजाही को भी प्रभावित कर सकता है।
पुलिस चौकी से महज 20 कदम दूर, फिर भी शिकायतें
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की निगरानी को लेकर उठ रहा है। जिस पार्किंग में कथित शराबखोरी और हंगामे की शिकायतें सामने आ रही हैं, वह पुलिस चौकी से लगभग 20 कदम की दूरी पर बताई जा रही है।
ऐसे में स्थानीय व्यापारियों का सवाल है कि जब पुलिस चौकी इतनी नजदीक है, तो सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है?
व्यापारियों का कहना है कि केवल पुलिस चौकी की मौजूदगी पर्याप्त नहीं है। शाम के समय नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई भी जरूरी है।
पहले चला था अभियान, कुछ दिन सुधरे हालात, अब फिर वही स्थिति
संजय प्लेस में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। बताया जाता है कि पूर्व में पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की थी।
अभियान के बाद कुछ समय तक स्थिति में सुधार दिखाई दिया, लेकिन स्थानीय व्यापारियों के अनुसार अब फिर से कुछ पार्किंग स्थलों पर शराबखोरी और हंगामे की शिकायतें आने लगी हैं।
व्यापारियों का कहना है कि एक-दो दिन की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए पुलिस को नियमित अभियान चलाना होगा, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
महिलाओं और परिवारों को भी होती है परेशानी
संजय प्लेस में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं, कर्मचारी, ग्राहक और परिवार खरीदारी तथा अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर कथित शराबखोरी और गाली-गलौज का माहौल आम लोगों के लिए असुविधाजनक बन सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं और परिवारों को ऐसे स्थानों से गुजरते समय असहजता महसूस होती है। वाहन पार्क करने या वापस लौटने के दौरान भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
व्यापारियों के मुताबिक, सार्वजनिक पार्किंग का इस्तेमाल सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक होना चाहिए। वहां किसी भी तरह की अव्यवस्था या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
आगरा के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र की छवि पर असर
संजय प्लेस आगरा के प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में शामिल है। यहां कई बड़े शोरूम, बैंक, कार्यालय, कंपनियों के प्रतिष्ठान और व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां अपने काम से पहुंचते हैं।
ऐसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र की पार्किंग में शराबखोरी और हंगामे की शिकायतें सामने आना क्षेत्र की छवि के लिहाज से भी चिंता का विषय है।
व्यापारियों का कहना है कि संजय प्लेस की पहचान कारोबार, सुविधाओं और व्यवस्थित बाजार के रूप में होनी चाहिए। सार्वजनिक पार्किंग में कथित शराब की महफिलों और हंगामे के कारण बाजार आने वाले ग्राहकों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापारियों ने पुलिस से की नियमित गश्त की मांग
स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- शाम के समय सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर नियमित पुलिस गश्त कराई जाए।
- पार्किंग में शराब पीने और हंगामा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।
- पुलिस चौकी के आसपास के क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाए।
- पहले चलाए गए अभियान को दोबारा प्रभावी तरीके से शुरू किया जाए।
- महिलाओं, परिवारों और वाहन चालकों की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
व्यापारियों का कहना है कि लगातार निगरानी और कार्रवाई होने पर ही इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
बड़ा सवाल: पुलिस चौकी के इतने करीब कैसे हो रही कथित शराबखोरी?
संजय प्लेस की पार्किंग को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब संबंधित पार्किंग पुलिस चौकी से महज 20 कदम दूर बताई जा रही है, तो वहां ऐसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या शाम के समय पार्किंग स्थलों पर नियमित निगरानी शुरू की जाती है।
फिलहाल व्यापारियों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे संजय प्लेस की सार्वजनिक पार्किंग को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
