शैलेश गौतम,अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। कस्बा क्षेत्र में 10 अगस्त को दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात का 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। खास बात यह है कि घटना के बाद पीड़ित को मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी लगातार पुलिस के चक्कर काटने पड़े। उच्च अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद पुलिस ने घटना के करीब दस दिन बाद मुकदमा दर्ज किया था।
पीड़ित को उम्मीद थी कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंचेगी और चोरी गया माल व नकदी बरामद करेगी, लेकिन घटना के 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मामले में अब तक कोई ठोस सफलता सामने नहीं आई है।दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात में पहले मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी और उसके बाद भी खुलासा न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बा क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस की सक्रियता अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है।स्थानीय लोगों ने चोरी की घटना के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े हुई वारदात के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के 23 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई है। क्या मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी का असर जांच पर पड़ा या फिर पुलिस जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखा रही? फिलहाल पीड़ित और स्थानीय लोग चोरी की वारदात के खुलासे का इंतजार कर रहे हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल बरकरार हैं।
