Panchkula News: सेक्टर-20 के गवर्नमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल में गंभीर घटना की शिकार हुई केजी की छह वर्षीय बच्ची को 40 घंटे बाद होश आया। चंडीगढ़ PGI में इलाज जारी।
Panchkula News: पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित गवर्नमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल में हुई एक बेहद गंभीर घटना में घायल छह साल की मासूम बच्ची को करीब 40 घंटे बाद होश आ गया है। केजी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची का चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) में इलाज चल रहा है। बच्ची की हालत को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। करीब 40 घंटे तक बेहोश रहने के बाद बच्ची को होश आने की खबर से परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है।
40 घंटे तक बेहोश रही छह साल की बच्ची
जानकारी के अनुसार, पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित गवर्नमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल में केजी में पढ़ने वाली छह साल की बच्ची एक गंभीर घटना का शिकार हो गई थी। इस घटना में तीसरी कक्षा के एक छात्र की संलिप्तता सामने आई है। घटना के बाद बच्ची की हालत गंभीर हो गई और उसे इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI में भर्ती करवाया गया।
बच्ची की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह करीब 40 घंटे तक बेहोश रही। इस दौरान डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी रहा। अब बच्ची को होश आने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बच्ची की पूरी स्वास्थ्य स्थिति और आगे के उपचार को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी उपलब्ध नहीं है।
PGI चंडीगढ़ में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
घटना के बाद बच्ची को बेहतर उपचार के लिए चंडीगढ़ स्थित PGI में भर्ती करवाया गया। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। करीब 40 घंटे बाद होश आने को परिवार के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
बच्ची की उम्र महज छह साल है और वह अभी केजी कक्षा में पढ़ती है। इतनी कम उम्र में उसके साथ हुई इस गंभीर घटना ने अभिभावकों और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में सामने आई इस घटना ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूलों में छोटी कक्षाओं के बच्चों की सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
इस घटना के बाद अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। स्कूलों में बच्चों की गतिविधियों पर उचित निगरानी, शिक्षकों की सतर्कता और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है।
परिवार को बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार
करीब 40 घंटे बाद बच्ची को होश आने की खबर से परिवार को उम्मीद मिली है। फिलहाल बच्ची का इलाज चंडीगढ़ PGI में जारी है। परिजनों की सबसे बड़ी चिंता बच्ची के जल्द स्वस्थ होने और सामान्य जीवन में लौटने की है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छह साल की मासूम के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
