आगरा नगर निगम के नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के CUG नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होने की शिकायत। अर्दली मनीष और नितिन की भूमिका पर सवाल, जनता ने मांगा जवाब।
- चार्ज संभालते समय किया था जनता की समस्याएं सुनने का वादा
- अर्दली मनीष और नितिन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
- अतिक्रमण, पॉलिथीन और गंदगी जैसी समस्याओं पर कौन सुनेगा जनता की बात?
- मुख्यमंत्री के निर्देशों के बीच CUG नंबर की उपयोगिता पर सवाल
- मीडिया के सवालों का जवाब देने में भी आ रही परेशानी?
- अब सवाल: कब जनता के फोन खुद उठाएंगे नगर आयुक्त?
Agra News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को जनता की समस्याएं सुनने और सरकारी CUG नंबर पर आने वाली कॉल का जवाब देने के निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद आगरा नगर निगम में इन निर्देशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य का सरकारी CUG नंबर आम जनता के लिए कितना उपयोगी है, इसे लेकर लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। आरोप है कि नगर आयुक्त स्वयं फोन नहीं उठाते और उनके अर्दली मनीष तथा नितिन ही ज्यादातर कॉल रिसीव करते हैं। लोगों का कहना है कि दोनों कर्मचारी नगर आयुक्त से बात कराने के बजाय उन्हें व्यस्त बताकर फोन काट देते हैं।
ऐसे में शहर की समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त तक अपनी बात पहुंचाना आम नागरिकों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। सवाल यह है कि जब नगर आयुक्त का सरकारी नंबर ही जनता की पहुंच से दूर रहेगा तो लोग अपनी शिकायतें आखिर किसके सामने रखेंगे?
चार्ज संभालते समय किया था जनता की समस्याएं सुनने का वादा
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने जब आगरा नगर निगम का कार्यभार संभाला था, तब अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मीडिया और आम जनता को भरोसा दिलाया था कि उनकी समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से या फोन के माध्यम से सुना जाएगा।
इस आश्वासन के बाद शहरवासियों को उम्मीद थी कि नगर निगम से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नगर आयुक्त तक सीधे पहुंच आसान होगी। लेकिन अब लोगों का आरोप है कि सरकारी CUG नंबर पर फोन करने के बावजूद नगर आयुक्त से बात नहीं हो पाती।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति नगर आयुक्त से बात करने के लिए फोन करता है तो मनीष या नितिन कॉल रिसीव करते हैं। इसके बाद नगर आयुक्त के व्यस्त होने की जानकारी देकर कॉल आगे नहीं बढ़ाई जाती।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित कर्मचारियों और नगर आयुक्त का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अर्दली मनीष और नितिन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
नगर आयुक्त के सरकारी फोन को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उनके कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की भूमिका पर उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि मनीष और नितिन फोन उठाकर नगर आयुक्त से बात कराने के बजाय बार-बार उनके व्यस्त होने की जानकारी देते हैं।
ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि क्या नगर आयुक्त वास्तव में लगातार व्यस्त रहते हैं या फिर उनके पास पहुंचने वाली कॉल को कार्यालय स्तर पर ही रोक दिया जाता है।
यदि नगर आयुक्त किसी बैठक या जरूरी सरकारी कार्य में व्यस्त हैं तो कम से कम संबंधित शिकायत को नोट करके उन तक पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनकी समस्याओं को आगे पहुंचाने की कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
अतिक्रमण, पॉलिथीन और गंदगी जैसी समस्याओं पर कौन सुनेगा जनता की बात?
आगरा शहर में नगर निगम से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए नागरिकों को अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचानी पड़ती है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर अतिक्रमण।
- प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल और बिक्री।
- वार्डों में गंदगी और नियमित सफाई की समस्या।
- सड़कों पर घूमते आवारा गोवंश।
- सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे विकास कार्य।
- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता।
- जलभराव और नगर निगम से जुड़ी अन्य नागरिक समस्याएं।
इन मुद्दों पर नगर आयुक्त की जवाबदेही महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि आम नागरिक अपनी शिकायत सीधे नगर आयुक्त तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं तो समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बीच CUG नंबर की उपयोगिता पर सवाल
सरकारी अधिकारियों को जनता की शिकायतें सुनने और निर्धारित माध्यमों से उपलब्ध रहने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। CUG नंबर का उद्देश्य भी यही है कि नागरिक जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकें।
ऐसे में नगर आयुक्त का CUG नंबर यदि केवल कर्मचारियों के माध्यम से संचालित हो रहा है और शिकायतकर्ताओं को अधिकारी से बात करने का अवसर नहीं मिल रहा है तो इसकी समीक्षा की जानी चाहिए।
यह भी जरूरी है कि नगर निगम प्रशासन स्पष्ट करे कि CUG नंबर पर आने वाली कॉल का रिकॉर्ड रखा जाता है या नहीं और शिकायतों को संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था है।
मीडिया के सवालों का जवाब देने में भी आ रही परेशानी?
नगर आयुक्त का फोन आम जनता के साथ-साथ मीडिया के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम है। शहर में चल रहे विकास कार्यों, सफाई अभियानों, अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों में मीडिया को अधिकारियों का पक्ष जानना जरूरी होता है।
लेकिन शिकायत है कि नगर आयुक्त से फोन पर संपर्क नहीं हो पाने के कारण कई मामलों में उनका पक्ष प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया के सवालों का जवाब देना और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऐसे में नगर आयुक्त कार्यालय को मीडिया और आम जनता के लिए प्रभावी संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
अब सवाल: कब जनता के फोन खुद उठाएंगे नगर आयुक्त?
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के CUG नंबर को लेकर उठ रही शिकायतें नगर निगम की जनसंपर्क व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। यदि नगर आयुक्त स्वयं हर कॉल नहीं उठा सकते तो कम से कम ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि नागरिकों की शिकायतें दर्ज हों और समयबद्ध तरीके से उन पर कार्रवाई की जानकारी मिले।
अब देखना होगा कि नगर आयुक्त इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या अपने सरकारी CUG नंबर पर आने वाली शिकायतों की निगरानी के लिए कोई ठोस व्यवस्था बनाते हैं।
आखिर सरकारी CUG नंबर जनता की सुविधा के लिए है या सिर्फ कार्यालय में फोन उठाने वाले कर्मचारियों तक सीमित रह गया है? आगरा की जनता इस सवाल का जवाब नगर निगम प्रशासन से चाहती है।
