चित्रकूट के राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित हुआ। जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार पंचम ने शुभारंभ किया। 503 प्री-कैंप और मुख्य शिविर के जरिए 46,564 लाभार्थी लाभान्वित हुए।
- जनपद न्यायाधीश ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
- शिविर से पहले आयोजित किए गए 503 प्री-कैंप
- दिव्यांग बच्चों को उपकरण और 23 लोगों को मिली ट्राईसाइकिल
- आवास, सोलर पैनल और कृषि योजनाओं का मिला लाभ
- महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों को भी मिला लाभ
- जल जीवन मिशन के तहत 25 घरों को मिला पानी का कनेक्शन
- बैंकिंग योजनाओं के तहत 16 लाभार्थियों को वितरित किए चेक
- पुलिस ने बरामद किए आठ खोए मोबाइल फोन, हेलमेट भी बांटे
- प्री-कैंप और मेगा कैंप मिलाकर 46,564 लोगों को मिला लाभ
Brajbihari Pandey
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को चित्रकूट के राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर, सीतापुर में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील कुमार पंचम की अध्यक्षता में आयोजित शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस मेगा शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया गया। शिविर में लगभग 5,500 लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान जरूरतमंदों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, उपकरण, चेक और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित लाभ वितरित किए गए। विभागों की ओर से आयोजित प्री-कैंप और मुख्य मेगा कैंप को मिलाकर कुल 46,564 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
जनपद न्यायाधीश ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार पंचम ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राकेश कुमार यादव, प्रथम अपर जिला जज राहुल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी अनुराग कुरील सहित न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट गीता सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिला जज राममणि पाठक, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रेनू मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेन्द्र प्रसाद भारती और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चौधरी सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अन्य न्यायिक अधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
शिविर से पहले आयोजित किए गए 503 प्री-कैंप
मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से पहले ही 503 प्री-कैंप आयोजित किए गए थे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने का कार्य किया गया।
इसके बाद मुख्य शिविर में अलग-अलग विभागों की ओर से लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
दिव्यांग बच्चों को उपकरण और 23 लोगों को मिली ट्राईसाइकिल

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिव्यांग बच्चों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही आरटीई पंजीकरण और कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित कुल 54 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
वहीं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 23 दिव्यांग लाभार्थियों को हेलमेट सहित ट्राईसाइकिल वितरित की गईं। इससे दिव्यांगजनों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आवास, सोलर पैनल और कृषि योजनाओं का मिला लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्तर से पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया।
- आवास विभाग: शहरी एवं ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 34 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
- नेडा विभाग: सात लाभार्थियों को सोलर पैनल की स्वीकृति प्रदान की गई।
- पशुपालन विभाग: 11 लोगों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रमाण पत्र दिए गए।
- कृषि विभाग: 11 लाभार्थियों को कृषि उपकरण और बीज वितरित किए गए।
- उद्योग विभाग: छह लाभार्थियों को उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
- राजस्व विभाग: 12 लोगों को वरासत की खतौनी वितरित की गई।
महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों को भी मिला लाभ
महिला कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पांच लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से सात लोगों को शादी अनुदान योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं छह लोगों को सामूहिक विवाह योजना और सात लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया गया।
इसके अलावा राजकीय दुग्ध विभाग की ओर से मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत नौ लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
जल जीवन मिशन के तहत 25 घरों को मिला पानी का कनेक्शन
जल जीवन मिशन यानी हर घर जल योजना के तहत 25 लाभार्थियों के घरों में जल संयोजन कराया गया। इसके साथ ही उन्हें प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
पंचायती राज विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 10 लाभार्थियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए धनराशि प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
वहीं रेशम विभाग की ओर से नौ लोगों को रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से भी सात लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
बैंकिंग योजनाओं के तहत 16 लाभार्थियों को वितरित किए चेक

शिविर में बैंकिंग विभाग की ओर से कुल 16 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया। इनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, मुख्यमंत्री युवा योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से संबंधित लाभ शामिल रहे।
लाभार्थियों को योजनाओं के तहत चेक भी वितरित किए गए।
पुलिस ने बरामद किए आठ खोए मोबाइल फोन, हेलमेट भी बांटे
मेगा शिविर में पुलिस विभाग की ओर से भी महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस ने सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से विभिन्न व्यक्तियों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए।
बरामद किए गए मोबाइल फोन में से आठ मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लाभार्थियों ने राहत जताई।
इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि और गंभीर चोटों की रोकथाम के उद्देश्य से आठ लोगों को हेलमेट वितरित किए गए।
प्री-कैंप और मेगा कैंप मिलाकर 46,564 लोगों को मिला लाभ
चित्रकूट में आयोजित इस मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में पात्र लाभार्थियों को मौके पर प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, उपकरण, चेक और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं।
आयोजन से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्री-मेगा कैंप और मुख्य मेगा कैंप को मिलाकर कुल 46,564 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं, विधिक सहायता और जनकल्याणकारी सेवाओं से जोड़ना रहा। शिविर के माध्यम से प्रशासन और न्यायिक विभागों ने एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
