केंद्रीय कर्मचारियों का DA जनवरी 2027 से 63% से बढ़कर 67% हो सकता है। जानें AICPI-IW का फॉर्मूला, 67.46% की गणना और 8वें वेतन आयोग का अपडेट।
- जनवरी 2027 से 4 फीसदी बढ़ सकता है महंगाई भत्ता
- DA का कैलकुलेशन किस आधार पर होता है?
- इस फॉर्मूले से निकल रहा है 67.46% DA
- 67.46 फीसदी के बजाय 67 फीसदी DA का अनुमान क्यों?
- कर्मचारी संगठन DA की गणना में बदलाव क्यों चाहते हैं?
- 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब तक आ सकती है?
- 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर क्या DA फिर शून्य हो जाएगा?
- केंद्रीय कर्मचारियों को अभी किस बात का इंतजार?
नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नए साल में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर अच्छी खबर आ सकती है। जनवरी 2027 से महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का DA मौजूदा 63 फीसदी से बढ़कर 67 फीसदी हो सकता है। खास बात यह है कि यह संभावित बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले हो सकती है। हालांकि, अभी केंद्र सरकार ने जनवरी 2027 के DA को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
जनवरी 2027 से 4 फीसदी बढ़ सकता है महंगाई भत्ता
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2026 से मूल वेतन (Basic Pay) का 63 फीसदी महंगाई भत्ता मिलने की जानकारी दी गई है। अगली किस्त जनवरी 2027 से लागू होने की उम्मीद है।
उपलब्ध महंगाई आंकड़ों और मौजूदा गणना फॉर्मूले के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि DA में 4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा होने पर महंगाई भत्ता 63 फीसदी से बढ़कर 67 फीसदी हो जाएगा।
इसका मतलब है कि कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के आधार पर हर महीने पहले से अधिक DA मिलेगा। हालांकि, अंतिम बढ़ोतरी कितनी होगी, यह आने वाले महीनों के महंगाई सूचकांक और केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।
DA का कैलकुलेशन किस आधार पर होता है?
केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना के लिए औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी AICPI-IW इस्तेमाल किया जाता है।
यह सूचकांक बताता है कि औद्योगिक श्रमिकों के रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितना बदलाव हुआ है। महंगाई बढ़ने या घटने का असर इस सूचकांक में दिखाई देता है। इसी के आधार पर महंगाई भत्ते की दर का निर्धारण किया जाता है।
DA की गणना का मौजूदा फॉर्मूला साल 2016 से लागू है। जनवरी 2027 की संभावित किस्त का अनुमान लगाने के लिए जनवरी से अगस्त 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों को आधार बनाया गया है। सितंबर से दिसंबर 2026 के आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुमान में इनके स्तर को स्थिर मानकर गणना की गई है।
इस फॉर्मूले से निकल रहा है 67.46% DA
दिए गए अनुमान के अनुसार, पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW करीब 152 माना गया है। इसी औसत को मौजूदा DA फॉर्मूले में रखने पर महंगाई भत्ते की संभावित दर 67.46 फीसदी निकलती है।
DA निकालने का फॉर्मूला:
DA = [{(पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW × 2.88) – 261.41} ÷ 261.41] × 100
इस फॉर्मूले के अनुसार गणना इस तरह होगी:
- पहला चरण: 152 × 2.88 = 437.76
- दूसरा चरण: 437.76 – 261.41 = 176.35
- तीसरा चरण: 176.35 ÷ 261.41 = 0.674607
- चौथा चरण: 0.674607 × 100 = 67.46%
इस तरह गणना के आधार पर DA की दर करीब 67.46 फीसदी निकल रही है। मौजूदा 63 फीसदी DA से तुलना करें तो संभावित अंतर 4.46 प्रतिशत अंक बैठता है।
67.46 फीसदी के बजाय 67 फीसदी DA का अनुमान क्यों?
अब सवाल है कि जब फॉर्मूले से 67.46 फीसदी महंगाई भत्ता निकल रहा है, तो बढ़ोतरी का अनुमान 67 फीसदी ही क्यों लगाया जा रहा है?
दरअसल, महंगाई भत्ते की दर तय करते समय दशमलव के बाद के हिस्से को अगले पूरे अंक तक बढ़ाकर मानने के बजाय सामान्यतः पूर्णांक के आधार पर दर तय की जाती है। इसी वजह से 67.46 फीसदी के आधार पर DA को 67 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
हालांकि, यह अनुमान सितंबर से दिसंबर 2026 तक AICPI-IW के आंकड़ों पर निर्भर करेगा। दिए गए आकलन में इन महीनों के दौरान सूचकांक 154.4 के आसपास बने रहने की धारणा रखी गई है।
अगर आने वाले महीनों में सूचकांक बढ़ता है, तो DA की संभावित दर भी ऊपर जा सकती है। वहीं, सूचकांक में गिरावट आने पर बढ़ोतरी का अनुमान कम हो सकता है। इसलिए 67 फीसदी को अभी अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
कर्मचारी संगठन DA की गणना में बदलाव क्यों चाहते हैं?
8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ते की गणना के तरीके में बदलाव की मांग रखी है। उनका कहना है कि DA तय करते समय दशमलव के बाद के आंकड़ों को हटाने के बजाय वास्तविक गणना के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए। इसे पॉइंट-टू-पॉइंट DA कहा जा रहा है।
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने मांग की है कि कर्मचारियों को बिना राउंडिंग के वास्तविक गणना के आधार पर महंगाई भत्ता दिया जाए।
इसके अलावा संगठन ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि जब DA और DR यानी महंगाई भत्ता और महंगाई राहत 25 फीसदी से अधिक हो जाए, तो इसे मूल वेतन में शामिल किया जाए।
वहीं, भारत पेंशनर्स समाज ने DA और DR में हर तीन महीने पर बदलाव करने की मांग की है। इसके लिए तीन महीने के औसत महंगाई सूचकांक को आधार बनाने और महंगाई के असर की वास्तविक गणना के अनुसार भरपाई करने का प्रस्ताव दिया गया है।
हालांकि, ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं। इन्हें सरकार की ओर से मंजूर या लागू किया गया नियम नहीं माना जाना चाहिए।
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब तक आ सकती है?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करके सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
इस समयसीमा के आधार पर आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। ऐसे में मई-जून 2027 के आसपास सिफारिशें सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
अगर जनवरी 2027 से DA बढ़कर 67 फीसदी हो जाता है, तो यह 7वें वेतन आयोग के तहत होने वाली आखिरी महंगाई भत्ता बढ़ोतरी में से एक हो सकती है। इसके कुछ महीने बाद 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सामने आ सकती हैं।
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर क्या DA फिर शून्य हो जाएगा?
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच यह सवाल भी है कि 8वें वेतन आयोग की नई वेतन संरचना लागू होने के बाद मौजूदा महंगाई भत्ते का क्या होगा।
आमतौर पर नए वेतन आयोग की वेतन संरचना लागू होने पर मौजूदा मूल वेतन और महंगाई भत्ते को ध्यान में रखकर नया वेतन निर्धारित किया जाता है। इसके बाद नई बेसिक पे के आधार पर महंगाई भत्ते की गणना नए सिरे से शुरू हो सकती है।
ऐसी स्थिति में नई वेतन संरचना में DA की दर शून्य से शुरू हो सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारियों को पहले मिल रहे महंगाई भत्ते का लाभ खत्म हो जाएगा। नई वेतन संरचना तय करते समय मौजूदा वेतन और DA को किस तरह समायोजित किया जाएगा, यह आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
केंद्रीय कर्मचारियों को अभी किस बात का इंतजार?
जनवरी 2027 से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 63 फीसदी से बढ़कर 67 फीसदी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन यह अनुमान उपलब्ध महंगाई आंकड़ों और भविष्य के सूचकांक को लेकर लगाई गई धारणाओं पर आधारित है।
अंतिम DA दर तभी स्पष्ट होगी, जब संबंधित अवधि के AICPI-IW के आंकड़े जारी होंगे और केंद्र सरकार इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करेगी। वहीं, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर भी सरकार के फैसले का इंतजार रहेगा।
