आगरा के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में पेड़ों की छंटाई के नाम पर कथित कटाई का मामला सामने आया। ट्री मैन त्रिमोहन मिश्रा ने जांच, जुर्माने और जागरूकता अभियान की मांग की।
Agra News: आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में पेड़ों की छंटाई के नाम पर कथित रूप से अंधाधुंध कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता और ट्री मैन त्रिमोहन मिश्रा ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पेड़ों की छंटाई के नाम पर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देना उचित है? उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
छंटाई के नाम पर पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का आरोप

ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में पेड़ों की छंटाई को लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं। ट्री मैन त्रिमोहन मिश्रा का कहना है कि पेड़ों की छंटाई का उद्देश्य उनकी देखभाल और सुरक्षा होना चाहिए, न कि उन्हें इस तरह काट देना कि उनका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाए।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में हो रहे प्रकृति के नुकसान के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो पर्यावरण संरक्षण की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

ट्री मैन त्रिमोहन मिश्रा ने उठाए अनुमति और नियमों पर सवाल
पर्यावरण कार्यकर्ता त्रिमोहन मिश्रा ने संबंधित लोगों से सवाल किया कि क्या छंटाई के नाम पर पूरे पेड़ को नष्ट कर देना उचित है? क्या आवश्यक अनुमति और नियमों की जानकारी लिए बिना पेड़ों की कटाई की जा सकती है?
उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
प्रशासन से जांच और दोषियों पर जुर्माने की मांग
ट्री मैन त्रिमोहन मिश्रा ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों को पेड़ों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी अपील की।
‘पेड़ बचेंगे, तभी जीवन बचेगा’
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता जताते हुए त्रिमोहन मिश्रा ने कहा, “प्रकृति अपने संतुलन को फिर स्थापित कर लेगी, लेकिन यदि इंसान ने समय रहते अपनी सोच नहीं बदली, तो मानव अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो जाएगा। पेड़ बचेंगे, तभी जीवन बचेगा।”
उनका कहना है कि पर्यावरण की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। घर, कॉलोनी और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर लगे पेड़ों की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
आगरा जैसे तेजी से विकसित होते शहरों में हरियाली और पेड़ों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। विकास कार्यों और रखरखाव के नाम पर पेड़ों को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे, इसके लिए नागरिकों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।
अब देखना होगा कि ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में पेड़ों की कथित अंधाधुंध कटाई के मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिम्मेदार विभाग किस तरह कार्रवाई करते हैं।
