धनतेरस से पहले MCX पर सोना 1,386 रुपये और चांदी 4,429 रुपये तक गिरी। जानिए कीमतों में गिरावट की 5 वजहें और क्या अभी खरीदारी करना सही है।
- MCX पर सोने-चांदी के दाम कितने गिरे?
- सोने की कीमतों में आगे क्या हो सकता है?
- सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
- 1. अमेरिकी बॉन्ड से बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद
- 2. अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता
- 3. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
- 4. शेयर बाजार में बिकवाली और नकदी जुटाने की जरूरत
- 5. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली
- क्या धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
- आगे किस पर रहेगी निवेशकों की नजर?
नई दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर सोना 1,386 रुपये और चांदी 4,429 रुपये तक सस्ती हो गई।
कीमतों में आई इस गिरावट से उन खरीदारों को राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से सोने-चांदी के दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, सवाल यह है कि क्या त्योहारों से पहले आई यह गिरावट खरीदारी का सही मौका है या आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे जा सकती हैं?
MCX पर सोने-चांदी के दाम कितने गिरे?
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,38,875 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने की कीमत में 1,386 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी के भाव में एक घंटे के भीतर 4,429 रुपये की गिरावट आई।
| कीमती धातु | MCX भाव | दर्ज गिरावट |
|---|---|---|
| सोना (दिसंबर डिलीवरी) | ₹1,38,875 प्रति 10 ग्राम | ₹1,386 |
| चांदी (दिसंबर डिलीवरी) | ₹1,79,200 प्रति किलो | ₹4,429 |
ये वायदा बाजार के बताए गए भाव हैं। ज्वेलरी खरीदते समय स्थानीय सर्राफा बाजार में कीमत, शुद्धता, GST और मेकिंग चार्ज के कारण भुगतान अलग हो सकता है।
सोने की कीमतों में आगे क्या हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की कीमत फिलहाल 1,36,500 रुपये से 1,41,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती है। इसका मतलब है कि निकट अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने की कीमतों में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर है।
अगर अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव रह सकता है।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिकी बॉन्ड से बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद
अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से निवेशकों के सामने एक आकर्षक विकल्प उपलब्ध होता है। सोने और चांदी में निवेश करने पर नियमित ब्याज नहीं मिलता, जबकि बॉन्ड से तय शर्तों के अनुसार ब्याज आय मिल सकती है।
ऐसे में कुछ निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करना पसंद कर सकते हैं। इससे सोने और चांदी की मांग और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
2. अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता
अमेरिका में महंगाई और ऊर्जा कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती टाल सकता है या उन्हें ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश की आकर्षकता कम कर सकती हैं। इसी कारण निवेशक फेड के अगले फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में भुगतान करने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है।
इससे अंतरराष्ट्रीय मांग प्रभावित होने की आशंका रहती है और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
4. शेयर बाजार में बिकवाली और नकदी जुटाने की जरूरत
शेयर बाजार में गिरावट या उतार-चढ़ाव के दौरान कुछ निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोना और चांदी भी बेच सकते हैं। इसके अलावा दूसरे निवेशों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी कीमती धातुओं की बिकवाली हो सकती है।
इस तरह बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ने पर सोने-चांदी पर भी बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
5. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली
जब किसी संपत्ति की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी होती है, तो निवेशक मुनाफा निकालने के लिए उसकी बिक्री शुरू कर सकते हैं। सोने और चांदी में पहले आई तेज तेजी के बाद भी मुनाफावसूली कीमतों में गिरावट की एक वजह हो सकती है।
बड़े निवेशकों और फंडों की ओर से एक साथ बिकवाली होने पर बाजार में गिरावट तेज हो सकती है।
क्या धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोना-चांदी खरीदना हर व्यक्ति के लिए फायदे का सौदा होगा। खरीदारी का फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आप गहने खरीद रहे हैं या निवेश के लिए सोना-चांदी लेना चाहते हैं।
गहने खरीदने वालों के लिए: यदि धनतेरस या दिवाली पर गहने खरीदना आपकी जरूरत है, तो बजट और स्थानीय बाजार के भाव देखकर खरीदारी कर सकते हैं। खरीदने से पहले सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और अंतिम बिल जरूर जांचें।
निवेश करने वालों के लिए: केवल एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में पूरा पैसा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर है।
आगे किस पर रहेगी निवेशकों की नजर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनाव का असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत जरूर दी है, लेकिन कीमतों में आगे और गिरावट होगी या तेजी लौटेगी, यह निश्चित तौर पर कहना संभव नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले बाजार भाव और अपनी जरूरत का आकलन जरूर करें।
