E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा बयान दिया है। जानिए क्या E20 से इंजन खराब होता है, माइलेज कम होता है और सरकार ने रिसर्च में क्या दावा किया।
नई दिल्ली | देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने संसद में इसकी सुरक्षा और प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन या अन्य पार्ट्स पर भी असर पड़ रहा है। इन सवालों के बीच सरकार ने कहा है कि वैज्ञानिक परीक्षणों और विस्तृत शोध के आधार पर E20 पेट्रोल निर्धारित मानकों के तहत पूरी तरह सुरक्षित है।
सरकार के अनुसार सरकारी एजेंसियों, ऑटोमोबाइल कंपनियों और उद्योग संगठनों द्वारा किए गए लैब और फील्ड टेस्ट में E20 फ्यूल से वाहनों को किसी प्रकार के नुकसान के प्रमाण नहीं मिले हैं।
संसद में सरकार ने क्या कहा?
7 अगस्त को संसद में दिए गए जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले इसकी व्यापक जांच और परीक्षण किए गए थे।
सरकार के मुताबिक, सरकारी एजेंसियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं और इंडस्ट्री बॉडीज द्वारा किए गए परीक्षणों में यह पाया गया कि निर्धारित मानकों के अनुसार E20 पेट्रोल का उपयोग वाहन के लिए सुरक्षित है और इससे इंजन या अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
किन संस्थानों ने किया था रिसर्च?
सरकार ने बताया कि 26 दिसंबर 2020 को नीति आयोग के तहत गठित एक अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया था।
यह अध्ययन प्रमुख संस्थानों के शोध पर आधारित था, जिनमें शामिल हैं—
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)
- ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI)
- सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM)
इन संस्थानों ने वाहन अनुकूलता, माइलेज, इंजन प्रदर्शन और टिकाऊपन जैसे विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया।
E20 लागू करने से पहले हुए कई परीक्षण
सरकार के अनुसार E20 फ्यूल को बाजार में लाने से पहले निम्न बिंदुओं पर विस्तृत परीक्षण किए गए थे—
- फ्यूल सिस्टम की कार्यक्षमता
- इंजन की मजबूती
- वाहन की रनिंग परफॉर्मेंस
- मैटेरियल कम्पैटिबिलिटी
- उत्सर्जन (Emission) प्रदर्शन
इन सभी परीक्षणों में संतोषजनक परिणाम मिलने के बाद ही E20 पेट्रोल को लागू किया गया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में पुराने वाहनों के प्रदर्शन, टिकाऊपन या वाहन के पार्ट्स पर कोई नकारात्मक प्रभाव सामने नहीं आया।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल एक इथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसमें—
- 80 प्रतिशत पेट्रोल
- 20 प्रतिशत इथेनॉल
मिलाया जाता है।
इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और चावल जैसे कृषि उत्पादों से किया जाता है। सरकार का उद्देश्य इथेनॉल मिश्रित ईंधन के माध्यम से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और स्वदेशी ईंधन को बढ़ावा देना है।
माइलेज और इंजन को लेकर क्या है सच्चाई?
हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज कम होने और इंजन खराब होने जैसे दावे किए थे। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक शोध और परीक्षणों में ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार ने दोहराया कि यदि वाहन निर्माता द्वारा अनुमोदित (Compatible) वाहन में निर्धारित मानकों के अनुसार E20 पेट्रोल का उपयोग किया जाए, तो इससे वाहन के प्रदर्शन या इंजन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
सरकार का उद्देश्य
केंद्र सरकार देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा देकर—
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना,
- किसानों की आय बढ़ाना,
- जैव ईंधन को प्रोत्साहन देना,
- और प्रदूषण कम करने जैसे लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है।
