Gold Silver Price Today: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटके के बाद सोना 3,088 रुपये और चांदी 6,902 रुपये तक उछली। जानें MCX गोल्ड-सिल्वर का भाव, सपोर्ट और रेजिस्टेंस।
- MCX पर सोने-चांदी की कीमतों में कितनी आई तेजी?
- ट्रंप की पार्टी की चुनावी हार से क्यों चमका सोना?
- कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड ने भी दिया तेजी को सहारा
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बढ़ी
- रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका तनाव भी बने वजह
- सोने का अगला टारगेट क्या है? जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस
- चांदी का अगला टारगेट क्या है?
- आगे सोने-चांदी की कीमतों में क्या होगा?
Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन, डॉलर में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं का रुख किया। एमसीएक्स पर सोना 3,088 रुपये और चांदी 6,902 रुपये तक महंगी हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
नई दिल्ली। लगातार कई दिनों से गिरावट और दबाव का सामना कर रहे सोने-चांदी के बाजार में बुधवार को अचानक तेजी लौट आई। अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम ने कीमती धातुओं की कीमतों को बड़ा सहारा दिया। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन की खबरों के बीच निवेशकों ने शेयर बाजार और डॉलर से इतर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिला।
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एक ही कारोबारी सत्र में 2.21 फीसदी यानी 3,088 रुपये चढ़कर 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में इससे भी ज्यादा तेजी देखने को मिली। दिसंबर वायदा चांदी 3.84 फीसदी यानी 6,902 रुपये उछलकर 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।
बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर खींचा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
MCX पर सोने-चांदी की कीमतों में कितनी आई तेजी?
बुधवार को कारोबार के दौरान एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक सोने और चांदी ने महत्वपूर्ण ऊंचे स्तर छुए।
| कीमती धातु | तेजी | दिन का उच्चतम भाव |
|---|---|---|
| सोना (दिसंबर वायदा) | 3,088 रुपये (2.21%) | 1,42,540 रुपये/10 ग्राम |
| चांदी (दिसंबर वायदा) | 6,902 रुपये (3.84%) | 1,86,600 रुपये/किलो |
खबर लिखे जाने तक सोना 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी 3.71 फीसदी की बढ़त के साथ 1,86,373 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।
इस तेजी में खास बात यह रही कि चांदी ने प्रतिशत के लिहाज से सोने को पीछे छोड़ दिया।
ट्रंप की पार्टी की चुनावी हार से क्यों चमका सोना?
सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी के पीछे अमेरिकी राजनीति को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगा और डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट तथा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बढ़त हासिल की।
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राजनीति और भविष्य की आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश विकल्पों के बजाय सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करना शुरू कर दिया।
आमतौर पर जब वैश्विक स्तर पर राजनीतिक या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने की मांग में इजाफा होता है। सोने को लंबे समय से सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है। यही वजह है कि अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद सोने और चांदी में खरीदारी तेज हो गई।
कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड ने भी दिया तेजी को सहारा
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है। सोना कोई ब्याज नहीं देता, जबकि सरकारी बॉन्ड से निवेशकों को ब्याज मिलता है। ऐसे में जब बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होता है, तो निवेशकों के लिए सोना अधिक आकर्षक बन सकता है।
यही कारण है कि डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बढ़ी
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
कॉमेक्स पर सोना 2.32 फीसदी की तेजी के साथ 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी में 4.10 फीसदी का उछाल आया और इसका भाव 51.795 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस तेजी का असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बनी रहने पर सोने और चांदी को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका तनाव भी बने वजह
वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। रूस की ओर से यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जताने की खबर सामने आई है। वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
इन घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की चिंता बनी हुई है। जब भी युद्ध, तनाव या कूटनीतिक टकराव की आशंका बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम कम करने के लिए सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई की चिंताओं में कुछ कमी आई है। इससे केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति में बदलाव की संभावनाओं को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज हुई है।
सोने का अगला टारगेट क्या है? जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने में तेजी के बावजूद तकनीकी संकेतक अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुए हैं। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिए।
एमसीएक्स गोल्ड के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर इस प्रकार हैं:
| स्तर | कीमत |
|---|---|
| तत्काल सपोर्ट | 1,40,000 रुपये |
| अगला सपोर्ट जोन | 1,37,500-1,38,300 रुपये |
| पहला रेजिस्टेंस | 1,41,000 रुपये के आसपास |
| अगला रेजिस्टेंस जोन | 1,43,000-1,43,700 रुपये |
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की कीमत यदि 1,43,000 से 1,43,700 रुपये के रेजिस्टेंस जोन को पार करके उसके ऊपर टिकती है, तो तेजी को और मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, तकनीकी संकेतकों की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) करीब 35 के आसपास है। वहीं, MACD हिस्टोग्राम भी नकारात्मक बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में तेजी लौटने के बावजूद तकनीकी रूप से अभी मजबूत रिकवरी की पुष्टि नहीं हुई है।
चांदी का अगला टारगेट क्या है?
चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, इसके सामने भी कुछ महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर मौजूद हैं।
| स्तर | कीमत |
|---|---|
| तत्काल सपोर्ट | 1,78,000-1,80,000 रुपये |
| अगला सपोर्ट जोन | 1,70,000-1,72,000 रुपये |
| तत्काल रेजिस्टेंस | 1,86,000-1,88,000 रुपये |
| अगला रेजिस्टेंस जोन | 1,94,000-1,96,000 रुपये |
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर चांदी 1,86,000 से 1,88,000 रुपये के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकने में सफल रहती है, तो इसमें 1,94,000 से 1,96,000 रुपये तक तेजी का रास्ता खुल सकता है।
वहीं, यदि कीमतों में गिरावट आती है, तो 1,78,000 से 1,80,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट साबित हो सकता है।
आगे सोने-चांदी की कीमतों में क्या होगा?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां सबसे महत्वपूर्ण होंगी।
यदि अमेरिकी डॉलर कमजोर बना रहता है और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं मजबूत होती हैं, तो सोने और चांदी को आगे भी समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इनकी कीमतों पर दबाव आ सकता है।
कुल मिलाकर, बुधवार को सोने में 3,088 रुपये और चांदी में 6,902 रुपये तक की तेजी ने कीमती धातुओं के बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी देखकर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
