UK Political Crisis: क्या सुनक बनेंगे ब्रिटेन के अगले PM, लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद दौड़ में और कौन-कौन?

Dharmender Singh Malik
7 Min Read

छह सितंबर को लिज ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री बनीं थीं। उन्हें सत्ता संभालने के महज 45 दिन में ही इस्तीफा देना पड़ा है। इससे पहले ट्रस सरकार के वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग और गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को इस्तीफा देना पड़ा था। कहा जा रहा है कि सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद ट्रस के खिलाफ कैंपेन कर रहे थे। इन सब के बीच नए प्रधानमंत्री को लेकर फिर से जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है वो ऋषि सुनक हैं। भारतीय मूल के सुनक पिछली बार भी सांसदों की वोटिंग में ट्रस से भी आगे रहे थे।

आखिर बीते छह हफ्ते में ऐसा क्या हो गया जो ट्रस सरकार गिर गई? क्या ऋषि सुनक फिर से दावेदारी में हैं? ट्रस सरकार के किन फैसलों की वजह से ये नौबत आई? ट्रस को वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को क्यों हटाना पड़ा? ट्रस के इस्तीफे के बाद क्या हो सकता है? आइये जानते हैं…

ट्रस सरकार क्यों गिरी?
प्रधानमंत्री पद के लिए अपने प्रचार के दौरान लिज ट्रस ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के जो वादे किए थे वही अब उनके गले की फांस बन गए हैं। ट्रस सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह विफल रहीं। ट्रस के वादों को लागू करने के कोशिश करने वाले वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को इस्तीफा देना पड़ा। क्वार्टेंग के फैसलों की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था और लगातार हो रही आलोचना के बीच नए वित्त मंत्री जेरमी हंट ने क्वार्टेंग के लगभग सभी फैसलों को पलट दिया। इसके बाद भी ट्रस सरकार पर से दबाव कम नहीं हुआ। उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी उनके खिलाफ हो गए। बढ़ते आर्थिक संकट और महंगाई के कारण हर बीतते दिन के साथ ट्रस पर दबाव बढ़ता जा रहा था।
सरकार की लोकप्रियता लगातार गिरती जा रही थी। हाल ही आए कई सर्वे में बताया गया कि अगर चुनाव की नौबत आती है तो सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी तीसरे नंबर पर खिसक सकती है।

See also  चीन में भूस्खलन में 47 लोग दबे, 200 से अधिक लोगों को निकाला गया

गृह मंत्री ब्रेवरमैन ने इस्तीफा क्यों दिया?
क्वासी के इस्तीफे के बाद बुधवार को गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने भी इस्तीफा दे दिया। ब्रेवरमैन ने अपने इस्तीफे की वजह सरकार के कामकाज के तरीकों को बताया। उन्होंने कहा कि ये सरकार जिस दिशा में जा रही है उससे वह चिंतित हैं। ब्रेवरमैन गोवा मूल के पिता और तमिल मूल की मां की संतान हैं। गृह मंत्री बनने के महज 43 दिन बाद ब्रेवरमैन के इस्तीफे से सरकार पर संकट और गहरा गया।

क्वार्टेंग ने वित्त मंत्री के रूप कौन से फैसले लिए?
ब्रेक्जिट समर्थक रहे क्वार्टेंग ने ब्रेक्जिट के बाद बोरिस जॉनसन का समर्थन किया था। जॉनसन सरकार में क्वॉर्टेंग राज्य मंत्री रहे। जॉनसन के इस्तीफे के बाद क्वार्टेंग ने लिज ट्रस की उम्मीदवारी का समर्थन किया। प्रधानमंत्री बनने पर ट्रस ने क्वार्टेंग को वित्त मंत्री बनाया। क्वार्टेंग इस पद पर बैठने वाले पहले ब्लैक नेता हैं।

अब बात फैसलों की करते हैं। छह सिंतबर को लिज ट्रस ने शपथ ली। नई सरकार की ओर से क्वार्टेंग ने 23 सितंबर को मिनी बजट पेश किया। इसमें क्वार्टेंग ने नई इकोनॉमिक पॉलिसी का एलान किया। इनका उद्देश्य ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकना और देश में आसमान छू रही रिकॉर्ड महंगाई पर नियंत्रण करना था।

See also  महाराज चार्ल्स तृतीय ने शपथ दिलाई, ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक

ऋषि सुनकइस महंगाई का सबसे बड़ा कारण एनर्जी सेक्टर में आसमान छूती कीमतें थी। क्वार्टेंग ने इस पर नियंत्रण करके महंगाई पर 5 फीसदी की कमी का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने 45 अरब पाउंड की कर कटौती का वादा किया, जो पिछले 50 वर्षों में सबसे बड़ी कटौती है। सरकार को उम्मीद थी की इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे होंगे। लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी तो इसका फायदा व्यापार में होगा और अर्थव्यवस्था को इससे मजबूती मिलेगी।

फिर इस्तीफे तक की नौबत क्यों आई?
वित्त मंत्री के फैसलों का बाजार पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा। वित्त मंंत्री के एलान ने बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी। मॉर्गेज रेट में तेजी से इजाफा हुआ। स्थानीय मुद्रा और कमजोर होने लगी। हालात ऐसे हो गए कि ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड को ऋण बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कहा गया कि सरकार ने विशेषज्ञों की राय की अनदेखी की। यहां तक की मिनी बजट की घोषणा से ठीक पहले क्वार्टेंग ने अपने विभाग के अहम अधिकारियों हटा दिया। देश विदेश में हो रही आलोचना के बीच ट्रस की कंजर्वेटिव पार्टी में भी विरोध शुरू हो गया। इसके बाद ट्रस को ये फैसला लेना पड़ा। हालांकि, इसके बाद भी विरोध शांत नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि ऋषि सुनक ने पहले ही ट्रस की टैक्स कटौती नीतियों को लेकर आगाह किया था।

See also  पेट्रोल डीजल की कारों पर प्रतिबंध पर हो गया फैसला, जानिए कब से बंद हो रही है यहां वाहनों की बिक्री

तो क्या अब सुनक प्रधानमंत्री बन सकते हैं?
प्रचार के दौरान ट्रस की जिन आर्थिक नीतियों के प्रति ऋषि सुनक आगाह करते थे। वही, बातें अब सही साबित हो रही हैं। सुनक इस पूरे मामले में अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। पिछले हफ्ते भी सुनक लंदन में थे। सुनक ने यहां दो पूर्व निर्धारित पार्टियों का भी आयोजन किया। इसमें उन्होंने अपनी रेडी फॉर ऋषि लीडरशिप कैंपेन टीम और यूके ट्रेजरी के अधिकारियों का आभार जताया। लेकिन, सरकार के फैसलों पर उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया।
ट्रस को अगर हटाया जाता है तो उनकी जगह जो नेता ले सकते हैं उनमें ऋषि सुनक का नाम सबसे आगे है।

सुनक के अलावा और कौन से चेहरे इस दौड़ में हैं?
सुनक के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, पैनी मॉरडेंट, बेन वालेस के नाम की भी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि सुनक अभी भी पार्टी के सांसदों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।

See also  महाराज चार्ल्स तृतीय ने शपथ दिलाई, ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक
Share This Article
Editor in Chief of Agra Bharat Hindi Dainik Newspaper
Leave a comment

Leave a Reply

error: AGRABHARAT.COM Copywrite Content.