अलवर। अगर खेल के प्रति जुनून हो तो उम्र आड़े नहीं आती। यह कहावतद रामबाई ने सही साबित करके दिखाई है। रामबाई 105 साल की उम्र होने के बावजूद एकदम फिट हैं। इन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में दौड़ में मेडल जीते हैं। रामबाई युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। रामबाई के साथ उनकी बेटी व उनकी नाती प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जाते हैं।
हरियाणा के चरखी दादरी के एक छोटे से गांव कादमा की रामबाई रेस में अलग-अलग राज्यों में जाकर भाग लेती है। खास बात यह है कि रामबाई अभी तक जहां भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गईं वहां उन्होंने मेडल जीते हैं। रामबाई 105 साल की उम्र में भी फिट है। उन्हें देख के कोई नहीं कह सकता कि वे 105 साल की है। रामबाई के साथ उनकी नाती भी अलवर में प्रतियोगिता खेलने आए। उन्होंने बताया कि उनकी नानी ने अलवर में 100 मीटर व 200 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
उनकी नातिन शर्मिला ने बताया कि उनकी नानी अलवर पहली बार खेलने आई हैं। इससे पहले रामबाई नासिक, मुंबई, केरल, बेंगलुरु, नेपाल, वाराणसी, महाराष्ट्र, गुजरात में खेल चुकी है।सभी में उन्होंने मेडल भी जीते हैं। शर्मिला ने बताया कि उनकी नानी शॉटपुट इवेंट में हिस्सा लेती हैं। शर्मिला ने बताया नानी जल्दी सुबह उठकर खेत पर घूमने के लिए जाती हैं। घर का बना हुआ खाना खाती है। चूरमा, दही उन्हें बहुत पसंद है।
शर्मिला ने बताया कि उनकी नानी अंतरराष्ट्रीय लेवल पर मेडल जीत चुकी है। वडोदरा में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्होंने पंजाब की 101 साल की धावक मान कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। 105 साल की उम्र में उन्होंने यह रिकॉर्ड तोड़ा। 105 साल की रामबाई को खेल के प्रति अपना जुनून दिखाने के लिए कई राष्ट्रीय मंच सम्मानित कर चुके हैं।
