नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन देने के लिए बहुप्रतीक्षित एकीकृत पेंशन योजना (UPS) की शुरुआत 1 अप्रैल 2025 से होने जा रही है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने गुरुवार को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मौजूदा और नए भर्ती होने वाले कर्मचारी इस योजना में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या है UPS?
UPS केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद गारंटीड पेंशन देने की योजना है। यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का एक विकल्प है। NPS में जहां पेंशन बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है, वहीं UPS में न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन की गारंटी दी गई है।
कौन कर सकता है UPS के लिए अप्लाई?
- वर्तमान में कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारी (1 अप्रैल 2025 तक सेवा में रहने वाले)।
- 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद भर्ती होने वाले नए कर्मचारी (शामिल होने के 30 दिनों के भीतर विकल्प चुनना होगा)।
- वे कर्मचारी जो NPS के अंतर्गत थे और रिटायर हो चुके हैं या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं।
- कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है।
UPS में कितना होगा योगदान?
- कर्मचारी का मासिक योगदान: बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता का 10% (कर्मचारी के PRAN में जमा)।
- सरकार का योगदान: इतना ही अमाउंट सरकार भी PRAN में जमा करेगी।
- अतिरिक्त सरकारी योगदान: UPS चुनने वाले कर्मचारियों के लिए (बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता) का अनुमानित 8.5%।
न्यूनतम पेंशन:
UPS के तहत न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये प्रति माह होगी, जो 10 साल की सेवा पूरी करने पर मिलेगी।
कौन सा फॉर्म भरना होगा?
- वर्तमान कर्मचारी (NPS चुनने वाले): फॉर्म A2
- नए भर्ती कर्मचारी: फॉर्म A1
- सेवानिवृत्त कर्मचारी: केवाईसी दस्तावेजों के साथ फॉर्म B2
- कर्मचारी की मृत्यु पर विवाहित जीवनसाथी: केवाईसी दस्तावेजों के साथ फॉर्म B6
आवेदन कैसे करें?
- सभी फॉर्म प्रोटीन CRA की वेबसाइट (https://npscra.nsdl.co.in) पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
- कर्मचारी भौतिक रूप से भी फॉर्म जमा कर सकते हैं।
