IMD Weather Alert 31 October: यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत 25 राज्यों में बारिश की संभावना। पहाड़ों में ओलावृष्टि, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट।
- 31 अक्टूबर को 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में गिर सकते हैं ओले
- उत्तर प्रदेश में भी बदलेगा मौसम, बारिश और ठंडी हवाओं के आसार
- बिहार में हल्की बारिश, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में बाढ़ का खतरा
- मध्य प्रदेश में 4 नवंबर तक बारिश के आसार, इन जिलों में बदलेगा मौसम
- राजस्थान में पूर्वी हिस्सों में बारिश, पश्चिमी क्षेत्र रहेगा शुष्क
- झारखंड, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में 5 नवंबर तक बारिश
- बंगाल की खाड़ी में बन रहा डिप्रेशन, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की आशंका
- बारिश और बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली। अक्टूबर महीने के आखिरी दिन देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर को देश के 25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि और मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, कई राज्यों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इसके चलते आम लोगों के साथ किसानों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। अक्टूबर के आखिरी दिन से शुरू होने वाला यह मौसमी बदलाव नवंबर के शुरुआती दिनों तक जारी रह सकता है।
31 अक्टूबर को 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में गिर सकते हैं ओले
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मणिपुर और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं, कई स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
तेज हवाओं को लेकर भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में भी बदलेगा मौसम, बारिश और ठंडी हवाओं के आसार
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अक्टूबर के अंतिम दिन मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार बदलाव हो सकता है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
किसानों को खेतों में तैयार फसलों और खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में हल्की बारिश, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में बाढ़ का खतरा
बिहार में 31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब बारिश का दायरा कम हो सकता है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 2 नवंबर तक कुछ इलाकों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
इस बीच पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया था। मौसम संबंधी चेतावनी के अनुसार, 31 अक्टूबर की सुबह 11:30 बजे तक इन क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ की आशंका थी।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और पानी के तेज बहाव को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में 4 नवंबर तक बारिश के आसार, इन जिलों में बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में 31 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां शुरू होकर 4 नवंबर तक जारी रह सकती हैं।
इन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है:
- इंदौर
- उज्जैन
- धार
- झाबुआ
- अलीराजपुर
- खरगोन
- रतलाम
- मंदसौर
- जबलपुर
- छिंदवाड़ा
- सिवनी
- बालाघाट
- मंडला
बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को कटाई के लिए तैयार फसलों और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार, 5 नवंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम साफ होने और बारिश से राहत मिलने की संभावना है।
राजस्थान में पूर्वी हिस्सों में बारिश, पश्चिमी क्षेत्र रहेगा शुष्क
राजस्थान में मौसम का असर सभी इलाकों में एक जैसा नहीं रहेगा। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की और छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
प्रदेश में फिलहाल तेज आंधी या तूफानी हवाओं को लेकर कोई बड़ी चेतावनी नहीं बताई गई है। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
झारखंड, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में 5 नवंबर तक बारिश
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 31 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा डिप्रेशन, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की आशंका
देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने के पीछे बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय हो रहा मौसमी सिस्टम भी एक प्रमुख वजह है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिणी अंडमान सागर और आसपास के अंडमान-निकोबार क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
इसके प्रभाव से 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
इस मौसमी सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
बारिश और बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
- बिजली कड़कने पर पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों और अस्थायी ढांचों से दूर रहें।
- किसान कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव और अचानक बाढ़ की चेतावनी पर ध्यान दें।
- यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
कुल मिलाकर 31 अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती दिनों तक देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
