Delhi News: रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। SIR और 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा उठाया।
नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया गया। रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर RSS और BJP का प्रभाव बढ़ गया है। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
महारैली में विपक्षी दलों के नेताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने हिस्सा लिया। रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला रहा। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी आवाज उठाई।
राहुल गांधी का आरोप- 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए
रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से देशभर में करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है।
उन्होंने इस कथित कार्रवाई को लोकतंत्र और जनता की अभिव्यक्ति के अधिकार से जोड़ते हुए इसे ‘जन अभिव्यक्ति की चोरी’ बताया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और इससे आम नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वोट केवल चुनाव में हिस्सा लेने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की आवाज है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर भी सवाल खड़े किए।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। INDIA गठबंधन का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर न हो।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई।
हालांकि, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों को हटाकर सूची को दुरुस्त करना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
RSS और BJP पर संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और RSS पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं पर BJP और RSS का कब्जा हो चुका है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने अपने भाषण में संविधान की रक्षा को विपक्ष की प्रमुख लड़ाई बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की आवाज और उसके वोट का महत्व सुरक्षित रहना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ जुटा विपक्ष
INDIA गठबंधन की इस महारैली को मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष के बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। रैली के माध्यम से गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया।
इससे पहले राहुल गांधी ने किसानों, मजदूरों, छात्रों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से भी दिल्ली पहुंचकर इस अभियान में शामिल होने की अपील की थी।
रैली में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता, चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मतदाता सूची विवाद पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे कथित वोट चोरी और मताधिकार से जुड़े मुद्दे के रूप में उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा रहा है।
ऐसे में 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का राहुल गांधी का दावा राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है। इस आंकड़े और इसके आधार की स्वतंत्र तथा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
रामलीला मैदान की इस महारैली के जरिए INDIA गठबंधन ने साफ संकेत दिया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा आने वाले दिनों में भी उसकी राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में रहेगा।
