मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बानमौर जंगलों में पुलिस और डकैतों के बीच मुठभेड़। 60 हजार रुपये का इनामी कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, एक अन्य साथी भी धराया।
मुरैना | डिजिटल डेस्क: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चंबल के बीहड़ों में पुलिस और कुख्यात डकैतों के बीच हुई एक रोमांचक मुठभेड़ में 60 हजार रुपये का इनामी कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गया है, जिसे पुलिस ने दबोच लिया है।
उसके कब्जे से एक राइफल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने उसके एक अन्य साथी अजय को भी जंगल से घेरकर धर दबोचा है।
बानमौर थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई कार्रवाई
यह पूरी मुठभेड़ बानमौर थाना क्षेत्र के पहाड़ी गांव के जंगलों में अंजाम दी गई। पुलिस को पिछले काफी समय से कुख्यात इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश थी, जिसके सिर पर शासन की ओर से 60 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कल्ली गुर्जर इलाके में लंबे समय से दहशत का पर्याय बना हुआ था।
बुधवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि कल्ली अपने साथियों के साथ बानमौर के बीहड़नुमा पहाड़ी जंगल में छिपा है और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
पुलिस को देखते ही शुरू कर दी अंधाधुंध फायरिंग
जैसे ही मुरैना पुलिस और बल की संयुक्त टीम मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुँची, डकैतों को पुलिस की भनक लग गई। खुद को चारों तरफ से घिरता देख घबराए डकैत गिरोह ने पुलिस दल पर ताबड़तोड़ और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
जान बचाने और कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से कुछ मिनटों तक भीषण गोलीबारी होती रही।
सर्चिंग के दौरान झाड़ियों में घायल मिला मुख्य सरगना
गोलीबारी थमने के बाद जब पुलिस ने जंगल की कॉम्बिंग और सर्चिंग शुरू की, तो कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर झाड़ियों के बीच घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसके पैर में गोली लगी थी।
मुख्य सरगना के घायल होने के बाद उसके बाकी साथी घने जंगलों और बीहड़ों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कल्ली के साथी अजय को पकड़ लिया। घायल कल्ली गुर्जर को बानमौर से मुरैना जिला अस्पताल लाया गया है, जहाँ कड़े सुरक्षा पहरे में उसका इलाज चल रहा है।
कुछ दिन पहले इंटरव्यू में खुद को बताया था निर्दोष
खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही एक मीडिया इंटरव्यू में कल्ली गुर्जर ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि स्थानीय रंजिश के कारण उसे फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उसने निष्पक्ष जांच मिलने पर सरेंडर करने की बात भी कही थी, लेकिन आखिरकार पुलिस के कड़े शिकंजे और मुठभेड़ के बाद वह सलाखों के पीछे पहुँच गया है।
आपराधिक पृष्ठभूमि और लंबा इतिहास
मुरैना जिले के तिलोदा गांव का रहने वाला कल्ली गुर्जर उस परिवार से ताल्लुक रखता है जिसके लगभग सभी सदस्य अपराध की दुनिया से जुड़े हैं।
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उसके पिता नत्थी गुर्जर पर बेटों को अपराध में धकेलने के आरोप रहे हैं।
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कल्ली सबसे बड़ा भाई है और इसका एक अन्य भाई पहले ही गैंगवार में मारा जा चुका है।
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साल 2025 में कल्ली तब चर्चा में आया था जब उसने घर में घुसकर एक गर्भवती महिला का अपहरण कर लिया था।
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यह खतरनाक गैंग चार पहिया वाहनों से चलता था और मुरैना, पहाड़गढ़, श्योपुर, घाटीगांव, शिवपुरी से लेकर राजस्थान के धौलपुर के घने जंगलों तक अपने ठिकाने बदलता रहता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी फरार साथियों की तलाश के लिए जंगलों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
