उज्जैन (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस ने एक ऐसे प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो मिलकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कथित रूप से लिव इन में रह रहे ये ‘लवबर्ड्स’ अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए पिछले एक साल से वाहनों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए तीन वाहन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार हुई प्रेमिका किसी पेशेवर वाहन चोर की तरह वारदात को अंजाम देती थी। पुलिस का कहना है कि यह महिला पहले इलाके की रेकी करती थी और फिर अपने प्रेमी के साथ जाकर वाहन चुराती थी।
सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात
नीलगंगा पुलिस को क्षेत्र से एक एक्टिवा चोरी होने की शिकायत मिली थी। जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें एक महिला को एक युवक के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए देखा गया। पुलिस ने मामले की छानबीन की तो युवक की पहचान पीपलीनाका क्षेत्र निवासी लक्की चौहान के रूप में हुई। जांच में पता चला कि लक्की अपनी प्रेमिका भमूरी के साथ मिलकर वाहन चोरी करता था। पहले भमूरी वाहनों की रेकी करती थी और फिर दोनों मिलकर उन्हें चुरा लेते थे।
एक साल से कर रहे थे वाहन चोरी
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, लक्की और भमूरी पिछले करीब एक साल से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके द्वारा चोरी की गई एक बाइक सहित तीन गाड़ियां बरामद कर ली हैं। इसके अलावा, चोरी किए गए दो अन्य वाहनों की नंबर प्लेट भी जब्त की गई है। दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रेमी लक्की पर जीवाजीगंज थाने में पहले से ही चोरी के 5 मामले दर्ज हैं।
इंदौर में भी दे चुके हैं वारदात को अंजाम
उज्जैन पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि लक्की के साथ मिलकर वाहन चोरी करने वाली भमूरी इंदौर शहर में भी गाड़ी चोरी की एक वारदात को अंजाम दे चुकी है। इस ‘लवबर्ड्स’ को पकड़ने में टीआई तरूण कुरील, एसआई वेदप्रकाश साहू और प्रधान आरक्षक राहुल कुशवाह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शक से बचने के लिए महिला चलाती थी चोरी की गाड़ी
पूछताछ में आरोपी लक्की ने पुलिस को बताया कि वह भमूरी के साथ लिव इन में रहता है। भमूरी को नई गाड़ियों पर घूमने का बहुत शौक था, जिसके चलते वह सूने स्थानों पर खड़ी गाड़ियों की रेकी करती थी। इसके बाद वे एक साथी को साथ ले जाते थे, उसे अपनी गाड़ी देकर दूसरी गाड़ी चुरा लेते थे। लक्की ने बताया कि किसी को शक न हो, इसलिए शातिर भमूरी चोरी की गाड़ी को खुद चलाती थी।
इस पूरे ऑपरेशन में टीआई तरूण कुरील, एसआई वेदप्रकाश साहू, प्रधान आरक्षक राहुल कुशवाह के साथ आरक्षक दीपक दिनकर, लोकेश प्रजापति और आरती बजरेटिया की भी अहम भूमिका रही। पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य वाहन चोरी की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
