आवास विकास परिषद की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल, ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण का आरोप
आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यमुना पार क्षेत्र में अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 में रॉयल चौराहे से अंदर एक भवन का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आवास विकास परिषद के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है और निर्माण कार्य लगातार जारी रहते हैं। जिलाधिकारी की ओर से अवैध निर्माणों की मॉनिटरिंग के बावजूद निर्माण कार्यों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवास विकास परिषद के सुपरवाइजर से लेकर अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों की जानकारी में कई निर्माण हो रहे हैं। ट्रांस यमुना कॉलोनी में एक व्यक्ति पर ऐसी इमारतों के निर्माण में ठेकेदार की भूमिका निभाने और विभागीय अधिकारियों से कथित सांठगांठ के जरिए लगातार निर्माण कराने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।लोगों का कहना है कि अनियोजित और मानकों के विपरीत निर्माण भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। उनका कहना है कि लखनऊ के चर्चित भवन हादसों जैसे मामलों से सबक लेते हुए समय रहते अवैध निर्माणों की जांच और कार्रवाई जरूरी है।स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और आवास विकास परिषद के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण की स्वीकृतियों और मानचित्र की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों का पक्ष खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सका।
