तीन महीने की बंदी के बीच तीन रेलवे फाटकों पर जाम का संकट, जिलाधिकारी से सड़क सुधार और ट्रैफिक प्रबंधन की मांग
आगरा। खेरिया मोड़ रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को मरम्मत और तकनीकी कार्यों के चलते आगामी तीन महीने के लिए बंद किए जाने के बाद अर्जुन नगर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त संकल्प वेलफेयर सोसाइटी ने जिलाधिकारी आगरा को ज्ञापन देकर वैकल्पिक मार्ग की बदहाल स्थिति सुधारने, रेलवे फाटकों पर जाम का प्रबंधन करने और व्यस्त समय में यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

सोसाइटी के ज्ञापन के अनुसार, खेरिया मोड़ ROB बंद होने से अर्जुन नगर तिराहे से छोआ का नगला की ओर जाने वाले बारह खंभा मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इस मार्ग से अर्जुन नगर, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और जगनेर मार्ग की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि इस क्षेत्र की आबादी करीब 10 से 12 लाख है और बड़ी संख्या में लोग रोजाना इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
जर्जर सड़क और निर्माण कार्य से बढ़ी परेशानी
ज्ञापन में वैकल्पिक मार्ग की स्थिति को बेहद खराब बताते हुए कहा गया है कि बारह खंभा की ओर नए ROB के निर्माण के लिए सड़क किनारे पिलर बनाए गए हैं। निर्माण कार्य के चलते सड़क कई जगह खुदी हुई है और गहरे गड्ढे होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सोसाइटी ने आशंका जताई है कि सड़क की खराब स्थिति से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी का हवाला देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि वैकल्पिक मार्ग को तत्काल समतल कराकर गड्ढामुक्त किया जाना चाहिए, ताकि ROB बंद रहने की अवधि में आवागमन सुचारु रह सके।

तीन रेलवे फाटक, लंबा इंतजार और वाहनों की कतारें
ज्ञापन में अर्जुन नगर तिराहे से छोआ का नगला के बीच तीन रेलवे क्रॉसिंग फाटकों के कारण जाम की समस्या भी उठाई गई है। सोसाइटी का कहना है कि ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। एक फाटक खुलने के बाद यातायात सामान्य होने से पहले ही अगले फाटक पर जाम की स्थिति बन जाती है।
ज्ञापन के मुताबिक, इस मार्ग पर लोगों को दो से तीन घंटे तक जाम में फंसने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और अन्य दैनिक यात्रियों के समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। हालांकि, जाम की अवधि और प्रभावित यात्रियों की संख्या के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए भी चिंता
सोसाइटी ने ज्ञापन में आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई है। जाम के दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों के फंसने से गंभीर मरीजों और आपात स्थितियों में राहत पहुंचाने में देरी होने का खतरा बताया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि आपातकालीन वाहनों और स्कूल बसों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
जिलाधिकारी से चार प्रमुख मांगें
संयुक्त संकल्प वेलफेयर सोसाइटी ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं—
1. वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत: अर्जुन नगर तिराहे से छोआ का नगला तक सड़क को गड्ढामुक्त और समतल कराया जाए तथा जरूरी स्थानों पर सड़क सुधार कार्य कराया जाए।
2. रेलवे फाटकों का बेहतर प्रबंधन: रेलवे प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर फाटकों के संचालन और यातायात के दबाव का व्यवस्थित प्रबंधन किया जाए।
3. पीक आवर्स में यातायात नियंत्रण: ज्ञापन में सुबह 7 से 11 बजे और दोपहर 1 से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा रेलवे क्रॉसिंग और संकरे मोड़ों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस या होमगार्ड तैनात करने की मांग की गई है।
4. आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता: एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और स्कूली वाहनों के लिए जरूरत के अनुसार सुरक्षित और सुगम मार्ग सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाई जाए।
प्रशासन से जल्द समाधान की अपील
संयुक्त संकल्प वेलफेयर सोसाइटी ने कहा है कि खेरिया मोड़ ROB बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक मार्ग की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रीय निवासियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। सोसाइटी ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर क्षेत्रवासी गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन करने पर विचार कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत, रेलवे फाटकों पर जाम के प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के सुचारु आवागमन को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
