चित्रकूट के 25 किसानों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत राजस्थान के भारतीय सरसों अनुसंधान केन्द्र, सेवर, भरतपुर में तिलहनी फसलों की खेती का प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना किया गया। प्रशिक्षण 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
चित्रकूट। जनपद चित्रकूट के किसानों को तिलहनी फसलों की उन्नत खेती एवं उपयोगिता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत 25 किसानों को राज्य के बाहर कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण के लिए राजस्थान रवाना किया गया। सोमवार को विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला कृषि अधिकारी श्री आर0के0 वर्मा ने बस को हरी झंडी दिखाकर किसानों के दल को रवाना किया।
यह कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान स्थित भारतीय सरसों अनुसंधान केन्द्र, सेवर, भरतपुर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान किसानों को तिलहनी फसलों की खेती, उनकी उपयोगिता तथा उन्नत कृषि पद्धतियों के संबंध में जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पांचों विकासखंडों के किसानों को मिला अवसर
इस कार्यक्रम में जनपद चित्रकूट के पांचों विकासखंडों से पांच-पांच किसानों का चयन किया गया है। इस प्रकार कुल 25 किसान प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे हैं। किसानों को अनुसंधान केन्द्र के भ्रमण के माध्यम से तिलहनी फसलों की खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले किसानों में विकासखंड मऊ के ग्राम तिलौली निवासी श्री गिरधारी लाल तिवारी, पुत्र स्वर्गीय श्री संपत लाल तिवारी तथा ग्राम सिंहपुर निवासी श्री संजय गौतम, पुत्र श्री भूपत गौतम शामिल हैं। विकासखंड रामनगर के ग्राम बरिया निवासी श्री विजय मिश्रा, पुत्र श्री कामता लाल मिश्रा एवं श्री राकेश मिश्रा, पुत्र श्री कामता प्रसाद मिश्रा तथा विकासखंड मानिकपुर के ग्राम मानिकपुर निवासी श्रीमती प्रिंसी देवी, पत्नी श्री हरिप्रसाद भी इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रही हैं।
तिलहनी फसलों की उन्नत खेती सीखने पर जोर
बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान तिलहनी फसलों की खेती से संबंधित अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों एवं उपयोगी जानकारियों को अपने खेतों में अपनाएं और जनपद के अन्य किसानों के साथ भी साझा करें, ताकि अधिक से अधिक कृषक उन्नत कृषि पद्धतियों का लाभ उठा सकें।
उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का व्यावहारिक उपयोग करने तथा अन्य कृषकों को भी तिलहनी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित
कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर सभी प्रतिभागी किसान तथा कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य किसानों को तिलहनी फसलों की खेती के संबंध में तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना तथा जनपद में कृषि संबंधी ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देना है।
