कानपुर । अपने बेटे की जान बचाने एक डॉक्टर पिता ने उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा 75 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनवाया और बीमार बेटे को अपने अस्पताल में भर्ती कराया है। इतना ही नहीं थाईलैंड से उसको एयरलिफ्ट भी करवाया।
कानपुर के संयुक्त पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि डॉक्टर अतुल कपूर द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए मदद मांगी गई थी।जिसके बाद सारे चेकप्वाइंट पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।जिससे बेहद कम समय में मरीज को लखनऊ से कानपुर लाया जा सका है।
मामला कानपुर के रीजेंसी अस्पताल के मालिक डॉक्टर अतुल कपूर का है। उनका परिवार घूमने थाईलैंड गया हुआ था।जहां उनके बेटे डॉ अभिषेक का एक्सीडेंट हो गया था जिसमें उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी।आनन-फानन में उन्होंने थाईलैंड से एअरलिफ्ट के जरिए पहले अपने बेटे को दिल्ली लाए। फिर वहां से हवाई जहाज से लखनऊ लाया गया।लखनऊ एयरपोर्ट से 75 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाते हुए कानपुर के रीजेंसी अस्पताल तक पहुंचाया गया। समय पर उनकाऑपरेशन किया गया अब उनकी हालत में सुधार भी हो रहा है।ग्रीन कॉरिडोर एक तय समय के लिए किसी मेडिकल कंडीशन या मरीज के लिए सड़क को खाली करा व ट्रैफिक को कंट्रोल करना ग्रीन कॉरिडोर में आता है।
एक प्रकार से पुलिस हर चेक प्वाइंट पर लगकर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को बिना किसी जाम में फंसे उसके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने का काम किया जाता है। डॉक्टर अभिषेक को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से उन्नाव होते हुए कानपुर लाया गया।
अमूमन लखनऊ से कानपुर आने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता है। लेकिन ग्रीन कॉरिडोर के चलते डेढ़ घंटा बच गया और मात्र 60 मिनट में वह अस्पताल पहुंच गए। रीजेंसी अस्पताल के मालिक डॉक्टर अतुल कपूर ने बताया कि पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर वह अपने बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनका सफल ऑपरेशन हो गया है अब वह ठीक हो रहे हैं।