अग्र भारत संवाददाता ,शैलेन्द्र शर्मा
किरावली। भारतीय शैक्षणिक संगठन के तत्वावधान में सोमवार को कस्बा के रुनकता रोड स्थित जेएलके गार्डन में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के यूपी बोर्ड से संबद्ध करीब 100 विद्यालयों के लगभग 800 शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. आकाश अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक ही सही मायने में देश के निर्माता हैं। सनातन काल से भारत में गुरु को भगवान के समकक्ष स्थान दिया गया है। युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और उन्हें स्वाभिमानी, आत्मनिर्भर तथा तकनीकी और अंग्रेजी भाषा के ज्ञान से समृद्ध बनाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नवीन भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है।समारोह के दौरान वित्तविहीन विद्यालयों और शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भी प्रमुख मांगें उठाई गईं। संगठन की ओर से सरकार से वित्तविहीन शिक्षकों को एडेड विद्यालयों की भांति सरकारी कोषागार से समान वेतन देने की मांग की गई। साथ ही वित्तविहीन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी सरकारी स्कूलों की तरह नि:शुल्क मिड-डे मील, किताबें, बैग, जूते और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।इसके अलावा वित्तविहीन विद्यालयों को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने, मान्यता संबंधी नई नियमावली को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था लागू करने तथा स्कूल भवन और प्रयोगशालाओं के सुधार के लिए प्रोत्साहन राशि देने की मांग भी उठाई गई।कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, डॉ. सीपी अग्रवाल, संदीप मोखरिया, मनोज यादव, शिव कुमार, करण चौधरी, पवन अग्रवाल, महेश उपाध्याय, नाथन सिंह, मुन्नीलाल कुशवाहा, खिलाड़ी सिंह और पवन धाकरे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की समस्याओं को लेकर अपने विचार रखे।
