प्रदर्शन कर किसानों ने जताया आक्रोश, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकथला स्थित बी-पैक्स समिति के गोदाम से रात में डीएपी लादकर ले जाते पकड़े गए दो ट्रैक्टरों के मामले में मंगलवार को किसानों ने प्रदर्शन कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। किसानों का आरोप है कि उन्होंने दोनों ट्रैक्टरों को खाद समेत पकड़कर कुकथला चौकी पुलिस के सुपुर्द किया था। इसके बावजूद पुलिस ने बिना जांच और कार्रवाई ट्रैक्टरों को चौकी से छोड़ दिया और डीएपी के कट्टे मुकदमे में नामजद सचिव को सौंप दिए।
किसानों के अनुसार, रविवार रात करीब नौ बजे और मध्यरात्रि में समिति के गोदाम से डीएपी लादकर ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को दर्जनों किसानों द्वारा पकड़ा गया था। दोनों ट्रैक्टरों को डीएपी समेत चौकी परिसर में खड़ा कराया गया था। घटना के वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए थे। किसानों ने मामले में पुलिस को तहरीर भी दी थी।लेकिन पुलिस ने किसानों की तहरीर को ठंडे बस्ते में डाल दिया।समिति के गोदाम से निर्धारित समय के बाद खाद लोड किए जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद सहकारिता विभाग ने मामले की तत्काल जांच कराई। अपर जिला सहकारी अधिकारी अरविंद चौहान की जांच रिपोर्ट के अनुसार, बी-पैक्स कुकथला के सचिव वीरेंद्र विक्रम द्वारा निर्धारित समय के बाद रात में विभागीय निर्देशों के विपरीत उर्वरक लोडिंग किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट में आईएफएमएस पोर्टल की रिपोर्ट और गोदाम में उपलब्ध स्टाक के मिलान में 129 कट्टे यूरिया और 17 कट्टे डीएपी का अंतर पाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव वीरेंद्र विक्रम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अछनेरा थाने में तहरीर दी गई। सचिव के खिलाफ सोमवार को मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार को किसान नेता दिलीप चौधरी समेत दर्जनों किसानों ने कुकथला में प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएपी की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।किसानों का आरोप है कि जिन डीएपी के कट्टों को उन्होंने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया था, वही कट्टे बाद में मुकदमे में नामजद सचिव को सौंप दिए गए। साथ ही दोनों ट्रैक्टरों को भी बिना कार्रवाई चौकी से छोड़ दिया गया। किसानों ने इस मामले में उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की है।थानाध्यक्ष कुलदीप कुमार ने बताया कि सचिव को डीएपी के कट्टे सौंपे गए हैं। ट्रैक्टरों को बिना कार्रवाई चौकी से छोड़े जाने के मामले की जांच कराई जाएगी।
