एटा। जिले के धुमरी कस्बा में एक ही भवन पर दो अलग-अलग शिक्षा बोर्डों से मान्यता प्राप्त करने के चर्चित मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने संबंधित विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
मामला धुमरी स्थित एसडी पब्लिक इंटर कॉलेज से जुड़ा है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने एक ही भवन पर तथ्यों को छिपाकर दो अलग-अलग शिक्षा बोर्डों से मान्यता प्राप्त कर ली। मामला उजागर होने के बाद उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने मार्च माह में विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया था।
नोटिस जारी होने के समय उम्मीद जताई जा रही थी कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन कई माह बीतने के बावजूद मामला किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सका है। न तो मान्यता प्रत्याहरण को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने आया है और न ही हेर फेर करने वालों की जवाबदेही तय की गई है।
सूत्रों का कहना है कि इतने गंभीर मामले में कार्रवाई लंबित रहने से गोलमाल की आशंका बढ़ गई है। शिक्षा विभाग की निष्क्रियता को लेकर चर्चा है कि यदि नियमों के उल्लंघन के ऐसे मामलों में भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं होगी, तो अन्य शिक्षा संस्थानों में गलत संदेश जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध माध्यमिक शिक्षा परिषद और संबंधित बोर्ड के नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल स्थिति यह है कि मार्च में नोटिस जारी होने के बावजूद कार्रवाई शून्य है और पूरा मामला अभी फाइलों में सिमटा हुआ नजर आ रहा है।
ऐसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे और भविष्य में कोई संस्था इस तरह की अनियमितता करने का साहस न कर सके।
अब अभिभावकों, छात्रों और आमजन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग आखिर कब इस मामले में अंतिम निर्णय लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा। फिलहाल तो हालात यही बयां कर रहे हैं कि कार्रवाई शून्य है और जिम्मेदार बेखबर दिखाई दे रहे हैं।
