नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 18 जुलाई, शुक्रवार को केरल का दौरा, राज्य की राजनीतिक दृष्टि से, खासकर कांग्रेस के लिए, बेहद महत्वपूर्ण था। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब केरल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दावेदार सामने आ रहे हैं, जिससे पार्टी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वायनाड से रायबरेली तक: गांधी परिवार का केरल से रिश्ता
राहुल गांधी ने 2019 और 2024 में लगातार दो बार केरल की वायनाड लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। 2024 में उन्होंने वायनाड सीट को छोड़ दिया, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से भी जीतकर सांसद बने थे। वायनाड सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी बहन श्रीमती प्रियंका गांधी ने जीत दर्ज कर पहली बार सांसद बनीं। यह दर्शाता है कि केरल गांधी परिवार के लिए कितना महत्वपूर्ण राज्य है। राहुल गांधी की केरल की राजनीति पर सीधी और पैनी नजर है।
शशि थरूर का बीजेपी की ओर झुकाव?
इन दिनों तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर के कारण केरल की राजनीति मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सुर्खियों में है। केरल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और शशि थरूर चाहते हैं कि कांग्रेस उन्हें केरल की जिम्मेदारी देकर मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए। हालांकि, लेखक डॉ. सुनील तिवारी (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक के पूर्व फर्स्ट कोर्ट मेम्बर) का मानना है कि शशि थरूर को भी शायद इस बात पर भरोसा नहीं है कि कांग्रेस उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी, और इसीलिए इन दिनों शशि थरूर का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की तरफ अधिक दिखाई दे रहा है। शशि थरूर ने तो अपने मन की भावनाएं पार्टी हाई कमान के सामने उजागर कर दी हैं।
केसी वेणुगोपाल और चांडी जूनियर की दावेदारी
कांग्रेस के भीतर केरल का एक और नेता ऐसा भी मौजूद है जो सीधे अपनी भावनाओं को हाई कमान के सामने अभी प्रकट तो नहीं कर रहा है, मगर हाई कमान को यह एहसास करा रहा है कि वह भी केरल के मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेस हाई कमान ने केसी वेणुगोपाल को कांग्रेस के भीतर संगठन महामंत्री बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है, मगर वेणुगोपाल का मन दिल्ली में नहीं होकर केरल में अधिक है। केसी वेणुगोपाल भी चाहते हैं कि हाई कमान उन्हें केरल का मुख्यमंत्री बनाए जाने का आश्वासन दे।
राहुल गांधी ने 18 जुलाई, शुक्रवार के दिन केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह कहा कि “इन समय में उनकी विरासत याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व कैसा दिखता है!” डॉ. सुनील तिवारी का अनुमान है कि क्या राहुल गांधी ने केरल में कांग्रेस का नेतृत्व करने वाला नेता ढूंढ लिया है, और वह नेता युवा विधायक चांडी जूनियर होंगे, जो पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के विधायक पुत्र हैं।
गुजरात के बदलाव और केरल की संभावना
यदि 17 जुलाई को गुजरात कांग्रेस के भीतर हुए दो बड़े बदलावों पर नजर डालें तो गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा बने और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तुषार चौधरी बने। ये दोनों ही नेता कांग्रेसी परिवार से हैं, जिनके पिता पूर्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे (माधव सिंह सोलंकी और अमर सिंह चौधरी)। डॉ. तिवारी का तर्क है कि अब अगला नंबर केरल में पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के विधायक पुत्र का है, जिन्हें राहुल गांधी केरल में बड़ी जिम्मेदारी देंगे।
ओमान चांडी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में उनके साथ रहे थे, और भारत जोड़ो यात्रा के बाद जब विधानसभा का उपचुनाव हुआ तब उनके पुत्र पहली बार विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक बने थे। 18 जुलाई को राहुल गांधी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता एके एंटनी से भी मिलने तिरुवनंतपुरम गए।
इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर राहुल गांधी को एक निर्णायक फैसला लेना होगा, जिसका प्रभाव आगामी विधानसभा चुनावों पर सीधा पड़ेगा।

( लेखक सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी आफ कर्नाटक के पूर्व फर्स्ट कोर्ट मेम्बर रहे हैं)
