दिनदहाड़े कस्बा क्षेत्र के घर से लाखों की चोरी से लेकर मंदिरों की दानपेटी और गोबरा,झारिया नगला, झारोटी गांव में चोरी की वारदातें; अवैध मिट्टी खनन शिकायतें भी बनी चुनौती
अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। थाना अछनेरा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच थाना प्रभारी बदल दिए गए हैं। विजय कुमार वर्मा चंदेल के स्थान पर अब कुलदीप कुमार को अछनेरा थाने की जिम्मेदारी मिली है। नए थाना प्रभारी के सामने हाल की चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के साथ ही क्षेत्र में बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने की चुनौती होगी।
पिछले दिनों कस्बा अछनेरा में दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी की घटना सामने आई। इसके अलावा फरह रोड स्थित बुर्जा वाले हनुमान मंदिर से दानपेटी चोरी, चामड़ माता मंदिर से घंटा चोरी और कचौरा क्षेत्र से भैंस चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। वहीं नगला जाहरिया, गोबरा और झारौठी में हुई चोरी की वारदातों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ाई है।नगला जाहरिया में दो भाइयों के घरों को निशाना बनाकर चोर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी ले गए।झारौठी गांव में एक फौजी परिवार के घर से करीब 45 लाख रुपये के गहने और नकदी चोरी होने की बात सामने आई है। गोबरा और में भी नगदी और आभूषण चोरी की घटनाएं हुईं। झारौठी के दूसरे मकान में एक घर से करीब 66 हजार रुपये नकद और चांदी की पायल चोरी होने की सूचना सामने आई थी।
पुलिस के सामने पहले से कई सवाल ,लगातार चोरी की घटनाओं के बीच अछनेरा क्षेत्र में मिट्टी के अवैध खनन की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसके अलावा कस्बे में निर्धारित समय से पहले शराब की बिक्री किए जाने की शिकायतें भी चर्चा में रही हैं। ऐसे में नए थाना प्रभारी के सामने केवल चोरी की घटनाओं का खुलासा ही नहीं, बल्कि इन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की भी चुनौती होगी।लगातार वारदातों के बाद 15 सितंबर को डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने अछनेरा थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों और पीड़ितों से जानकारी ली थी। बड़ी चोरी के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की जानकारी पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। पुलिस ने चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए टीमें लगाकर सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही थी।अब थाना प्रभारी कुलदीप कुमार के सामने सबसे अहम चुनौती इन घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की होगी। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की निगरानी और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर भी लोगों की नजर रहेगी। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित चोरी की घटनाओं के खुलासे और लगातार सामने आ रही शिकायतों पर पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है।
