आगरा : सुविधा शुल्क न मिलने पर झूठा अर्थदंड लगाने का आरोप, वाणिज्य कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर पर व्यापारी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

Jagannath Prasad
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ग्रेड द्वितीय एसआईएबी अधिकारी को सौंपी गई लिखित शिकायत

आगरा। वाणिज्य कर विभाग की एक अधिकारी पर व्यापारी से अवैध वसूली व मानसिक उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगा है। शाहगंज निवासी व्यापारी असगर अली ने ग्रेड द्वितीय एसआईएबी अधिकारी अंजनी अग्रवाल को प्रार्थना पत्र देकर वाणिज्य कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल-10) निवेदिता सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

व्यापारी का आरोप है कि उसकी गाड़ियों UP-80 CT-3137 तथा UP-80 DT-7586 की जांच के दौरान नियमों के विपरीत कार्यवाही की गई। वाहन संख्या UP-80 CT-3137 की वास्तविक वाहन क्षमता 2500 जोड़ी जूतों की है, लेकिन जांच के दौरान जानबूझकर 2300 जोड़ी अतिरिक्त माल दिखाकर करीब 4800 जोड़ी जूतों का फर्जी आंकड़ा दर्शाया गया और गलत तरीके से ₹3.06 लाख का अर्थदंड आरोपित कर धनराशि जबरन जमा कराई गई । व्यापारी ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन पकड़े जाने के समय उसकी मूल आरसी, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और ऑल इंडिया परमिट जब्त कर लिए गए, जिन्हें आज तक वापस नहीं किया गया है। वहीं चालक दिलीप का मोबाइल नंबर भी सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया, जो नियम विरुद्ध बताया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि व्यापारी से पहले ₹4.50 लाख जमा कराने का दबाव बनाया गया, जबकि उसका कोई विधिवत चालान राज्य कोष में जमा नहीं हुआ। आरोप है कि अपील में पैसा वापस होने का झांसा देकर ₹3.06 लाख जबरन जमा कराए गए, जो सरासर धोखाधड़ी है। दूसरे वाहन UP-80 DT-7586 पर ₹51,650 व ₹20,768 की रसीदें तो दी गईं, लेकिन संपूर्ण कर की स्पष्ट रसीद अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई। व्यापारी का कहना है कि उससे गलत तरीके से ली गई पूरी धनराशि तत्काल वापस कराई जाए तथा उसकी जब्त दस्तावेजी फाइल लौटाई जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें लंबित हैं। ऐसे में उन्हें सचल दल अथवा फील्ड ड्यूटी से हटाया जाए, ताकि भविष्य में व्यापारियों का शोषण रोका जा सके।

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इस विषय में शिकायत की जांच करते हुए दोनों पक्षों से जानकारी प्राप्त की जा रही है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी
चंद्रकांत रहलन-संयुक्त आयुक्त, एसआईबी वाणिज्य कर विभाग

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