भोज कुमार
आगरा। आगरा में 22 वर्षीय युवक सनी (निवासी ग्राम खाल खलौआ) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिवारीजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। मृतक के परिवार ने शुक्रवार को समान अधिकार पार्टी के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना दिया और न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घटना को रोड एक्सीडेंट बताकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जबकि यह एक सुनियोजित हत्या है। इसके साथ ही, परिवार ने एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) के प्रशासन पर इलाज में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके कारण उनके बेटे की मौत हुई।
पुलिस पर हत्या को एक्सीडेंट में बदलने का आरोप
मृतक सनी के भाई देवेंद्र ने धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सनी, जो मजदूरी का काम करता था, 1 नवंबर को घर से निकला था और 2 नवंबर को पथौली पुल से उतरते ही नहर किनारे गंभीर हालत में मिला था।
देवेंद्र का कहना है, “मेरे भाई की मौत एक्सीडेंट से नहीं हुई, यह किसी के द्वारा की गई हत्या है। जगदीशपुरा थाने ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज आदि की बिना उचित जांच किए ही इसे रोड एक्सीडेंट मानकर प्राथमिकी दर्ज कर दी। हम सही जांच और हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।”
वेंटिलेटर न मिलने से हुई मौत? SN अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
परिवारीजनों ने एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर पर भी बड़े आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 2 नवंबर को गंभीर हालत में सनी को तुरंत एसएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था।
देवेंद्र ने दावा किया कि गंभीर स्थिति के बावजूद उनके भाई को नजरअंदाज किया गया और समय पर वेंटिलेटर न मिलने के कारण सनी ने 5 नवंबर को दम तोड़ दिया। परिवार ने अस्पताल में हुई इस कथित लापरवाही को ही सनी की मौत की प्रमुख वजह बताया है।
जांच कमेटी पर धमकाने और गाली देने का आरोप
इलाज में लापरवाही की शिकायत के बाद, प्राचार्य प्रशांत गुप्ता ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। हालांकि, मृतक के भाई देवेंद्र ने इस कमेटी के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवेंद्र के मुताबिक, “जब हम अस्पताल की लापरवाही की जांच की मांग कर रहे थे, तो जांच के लिए गठित कमेटी ने मुझे बयान लेते समय धमकाया, गालियां दीं और अपने फेवर में बयान देने को मजबूर किया। मैं बिना हस्ताक्षर किए ही वहां से भाग निकला।”
समान अधिकार पार्टी ने किया समर्थन
परिवार की न्याय की लड़ाई में समान अधिकार पार्टी के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने परिवारीजनों के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया।
पार्टी ने मांग की है कि सनी की संदिग्ध मौत की सही जांच हो, इसे रोड एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या मानते हुए कार्रवाई की जाए, और इलाज में लापरवाही के लिए एसएन अस्पताल प्रशासन और प्राचार्य प्रशांत गुप्ता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।
जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में ADM (J) ने लिया संज्ञान
धरना प्रदर्शन के बाद, परिवारीजनों और समान अधिकार पार्टी के सदस्यों ने जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की। जिलाधिकारी महोदय की अनुपस्थिति में ADM (Judicial) धीरेन्द्र कुमार ने मामले का संज्ञान लिया, ज्ञापन स्वीकार किया और धरना समाप्त करवाया।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस संवेदनशील मामले में पुलिस की एफआईआर और एसएन अस्पताल की कथित लापरवाही की जांच को लेकर क्या कदम उठाते हैं। परिवारीजन अभी भी न्याय की उम्मीद में हैं।
