आगरा के पीलाखार क्षेत्र में बारिश के दौरान सीवर लाइन की खुदाई से बने पानी से भरे गड्ढे में ऑटो पलट गया। छह लोग गिरे, चार को सुरक्षित निकाला गया जबकि दो की तलाश जारी है।
आगरा | आगरा में शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने शहर की निर्माण व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पीलाखार क्षेत्र में जलभराव के बीच सड़क से गुजर रहा एक ऑटोरिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार छह लोग पास में सीवर लाइन की खुदाई से बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि देर शाम तक दो लोग लापता रहे, जिनकी तलाश पुलिस और प्रशासन की टीमों द्वारा जारी थी।
आठ महीने से खुला पड़ा था सीवर का गहरा गड्ढा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पीलाखार क्षेत्र में करीब आठ महीने पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क किनारे गहरी खुदाई की गई थी। निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण गड्ढे को न तो भरा गया और न ही उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।
शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया। जलभराव के कारण उसकी गहराई दिखाई नहीं दे रही थी, जिससे सड़क और गड्ढे के बीच अंतर समझ पाना मुश्किल हो गया।
जलभराव में बिगड़ा संतुलन, गड्ढे में जा गिरा ऑटो
बताया गया कि ऑटोरिक्शा जलभराव वाले रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान चालक का संतुलन बिगड़ गया और ऑटो पलटकर सीधे पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा। ऑटो में सवार सभी छह लोग पानी में समा गए और डूबने लगे।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मदद के लिए शोर मचाया। कुछ ही मिनटों में आसपास के निवासी मौके पर पहुंच गए और बिना अपनी जान की परवाह किए राहत कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बचाईं चार जिंदगियां
स्थानीय लोगों ने साहस का परिचय देते हुए पानी में उतरकर चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि दो अन्य लोग गहरे पानी में लापता हो गए।
घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। लापता दोनों लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसमें आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोनों की तलाश जारी है और अभियान तब तक चलता रहेगा, जब तक उनका पता नहीं चल जाता।
निर्माण एजेंसी पर लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। क्षेत्रवासियों ने निर्माणदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
लोगों का कहना है कि सीवर लाइन की खुदाई के बाद गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। बारिश के दौरान जलभराव होने से पूरा गड्ढा पानी में छिप गया, जिससे ऑटो चालक को खतरे का अंदाजा ही नहीं लग सका।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और निर्माण स्थल को सुरक्षित किया गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रशासन जुटा जांच और बचाव में
पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बचाव अभियान तेज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार लापता लोगों की पहचान और अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही पूरे मामले की जांच भी की जाएगी कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
यह हादसा एक बार फिर अधूरे निर्माण कार्यों और सुरक्षा में लापरवाही के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है। बारिश के मौसम में खुले गड्ढे और जलभराव आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी निर्माण स्थलों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
