आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर कपिल शर्मा को शासन ने निलंबित कर दिया है। मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में लापरवाही के आरोप हैं। विभागीय जांच शुरू।
आगरा। आगरा में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर कपिल शर्मा के खिलाफ शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। उन पर आगरा में कार्यकाल के दौरान मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने तथा सामने आई अनियमितताओं के मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई और अभियोजन प्रक्रिया नहीं अपनाने के आरोप लगाए गए हैं।
निलंबन की कार्रवाई के साथ ही कपिल शर्मा के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक जांच भी शुरू कर दी गई है। इस जांच में उनके कार्यकाल के दौरान किए गए निरीक्षण, जांच और उनके आधार पर की गई कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। शासन ने सहायक आयुक्त औषधि, आगरा मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में लापरवाही का आरोप
शासन की कार्रवाई में आरोप लगाया गया है कि कपिल शर्मा ने अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप नहीं किया। ड्रग इंस्पेक्टर के तौर पर मेडिकल एजेंसियों, दवा कारोबार से जुड़ी फर्मों और औषधियों की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल होती है।
आरोपों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई अपेक्षित थी, लेकिन कई मामलों में कथित तौर पर आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। विशेष रूप से जांच और अभियोजन से संबंधित कार्रवाई में लापरवाही को शासन ने गंभीरता से लिया है।
गंभीर कदाचार और सरकारी दायित्वों की अनदेखी के आरोप
कपिल शर्मा पर गंभीर कदाचार और सरकारी दायित्वों की अनदेखी के आरोप भी लगाए गए हैं। औषधि विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि दवा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाए और औषधि संबंधी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शासन की ओर से की गई कार्रवाई में इसी जिम्मेदारी के निर्वहन में कथित लापरवाही को आधार बनाया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू
निलंबन आदेश के साथ ही मामले में विभागीय अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त औषधि, आगरा मंडल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
जांच के दौरान कपिल शर्मा के आगरा कार्यकाल में किए गए निरीक्षणों और मेडिकल एजेंसियों व दवा फर्मों के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं पर किस स्तर तक कार्रवाई की गई और क्या निर्धारित नियमों के अनुसार जांच व अभियोजन की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
जांच अधिकारी द्वारा उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित तथ्यों की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। इसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
निलंबन अवधि में लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेंगे
निलंबन अवधि के दौरान कपिल शर्मा का मुख्यालय लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेगा। निलंबन अवधि में उन्हें विभागीय नियमों और निर्धारित शर्तों के तहत रहना होगा।
निलंबन के बाद अब विभागीय जांच पूरी होने तक उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि आरोपों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जानी है।
दवा कारोबार की निगरानी को लेकर बढ़ी जवाबदेही
ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को दवा कारोबार में नियमों के अनुपालन और विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों के निरीक्षण में अधिकारियों की भूमिका अहम होती है, क्योंकि इसके जरिए औषधियों की गुणवत्ता, बिक्री और वितरण से जुड़े नियमों के पालन की निगरानी की जाती है।
शासन की कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आगरा में कपिल शर्मा के कार्यकाल के दौरान किन मामलों में कथित तौर पर लापरवाही हुई और क्या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई नहीं की गई थी।
फिलहाल कपिल शर्मा को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच जारी है। आरोपों की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
