अदालत ने 5 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए
थाना कागारौल पुलिस ने नहीं किया था मुकदमा दर्ज
आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना कागारौल क्षेत्र में एक हत्या प्रयास, अवैध वसूली और मारपीटके मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पाँच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। यह आदेश उन आरोपियों के खिलाफ दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश ग्राम उजरई और ग्राम करहरा के निवासी हैं।
मुकदमा क्यों दर्ज हुआ?
मामला भूपेंद्र सिंह नामक व्यक्ति से संबंधित है, जो ग्राम नगला सिकरवार, थाना किरावली, आगरा का निवासी है। भूपेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 8 सितंबर 2025 को वह अपनी पत्नी पूजा के साथ कार में अकोला बाजार जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उनकी कार का पीछा किया।
आरोप है कि नगला परमार के पास आरोपियों ने उनकी कार को ओवरटेक करके रुकवाया और फिर वहां भूपेंद्र सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने भूपेंद्र सिंह पर जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे वह बाल-बाल बच गए।
भूपेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपियों ने इस घटना के दौरान स्वयं के खिलाफ पहले दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की और इसके बदले 15 लाख रुपये की अवैध वसूली की।
अदालत का रुख
भूपेंद्र सिंह की शिकायत के बाद उन्होंने अधिवक्ता पुष्पेंद्र पचौरी के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस प्रार्थना पत्र में आरोपियों के खिलाफ हत्या प्रयास, अवैध वसूली, और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया और आदेश दिया कि थानाध्यक्ष कागारौल को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने का निर्देश दिया।
इस फैसले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कागारौल पुलिस ने पहले इस मामले में मुकदमा दर्ज करने में ढिलाई बरती थी, जिसके कारण अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा। अब पुलिस को अदालत के आदेश के बाद मामले में उचित कार्रवाई करनी होगी।
