आगरा में वैश्य समाज की महाबैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से 72 घंटे में माफी की मांग। माफी नहीं मिलने पर आवास घेराव और प्रदर्शन की चेतावनी।
आगरा। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के वैश्य समाज के संदर्भ में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ने लगा है। आगरा के लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में 25 अक्टूबर को आयोजित वैश्य समाज की महाबैठक में मंत्री के बयान पर कड़ा विरोध जताया गया। बैठक में भारतीय वैश्य महासभा समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंत्री से 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगी गई तो मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इसके अलावा शहर में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करने की भी चेतावनी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता भारतीय वैश्य महासभा के अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज की भावनाओं से जुड़े इस मामले में संगठन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।
72 घंटे में माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
महाबैठक में रवि प्रकाश अग्रवाल ने मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो वैश्य समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि माफी नहीं मिलने पर मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा और विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बैठक में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक जीवन में सभी समाजों के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
वैश्य समाज के योगदान का किया उल्लेख
अग्रवाल महासभा के कोषाध्यक्ष विष्णु बिहारी गोयल ने कहा कि वैश्य समाज लंबे समय से दान, सेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यों में योगदान देता रहा है। ऐसे समाज के लिए कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
उन्होंने मंत्री से अपने कथित बयान पर खेद व्यक्त करने और समाज से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा से बचना चाहिए।
ब्रज क्षेत्र में भी विरोध की चेतावनी
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज का देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके मुताबिक, समाज के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ब्रज क्षेत्र का वैश्य समाज एकजुट है। यदि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगी गई तो ब्रज क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
वक्ताओं ने कहा कि विरोध का उद्देश्य समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे को उठाना है और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लिया जाएगा।
व्यापार, कर भुगतान और सेवा कार्यों में योगदान का जिक्र
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय मंत्री विनय अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने व्यापार, कर भुगतान और जनसेवा से जुड़े कार्यों में समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को समाज के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मंत्री से कथित बयान पर अपना पक्ष स्पष्ट करने और समाज की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
युवा संगठन ने भी विरोध प्रदर्शन का किया ऐलान
अग्रवाल युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने कहा कि समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में माफी नहीं मिली तो शहर के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा।
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी सामाजिक समूह के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से विवाद पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित जनप्रतिनिधि को अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विवाद का समाधान हो सके।
महाराजा अग्रसेन भवन में हुई महाबैठक
लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित इस महाबैठक में वैश्य समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की व्यवस्थाओं में संजय सिंघल, राजकुमार अग्रवाल, रामकुमार अग्रवाल, अंबुज अग्रवाल और जिनेश अग्रवाल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बैठक में राजीव अग्रवाल, राजकुमार गर्ग, विष्णु बिहारी गोयल, उमाकांत गर्ग, पुनीत बिंदल, सुधीर कुमार गर्ग, विजय कुमार गोयल, अनिल अग्रवाल, नरेंद्र सिंघल, वी.के. अग्रवाल, बॉबी जोनई वाले, जिनेश अग्रवाल, हेमलता अग्रवाल, पवन अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, अतुल कुमार गर्ग, संदीप मित्तल, प्रकाश कुमार बंसल, संजीव कुमार मित्तल, ऋषि गुप्ता, दिनेश बंसल, सुशील अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, शैलू अग्रवाल, राम अग्रवाल, अंबुज अग्रवाल, सुधीर गोयल, राम चरण पोरवाल, हरिओम गोयल, नेमीचंद अग्रवाल और एडवोकेट दिनेश अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एकजुटता जताते हुए कहा कि समाज के सम्मान से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी उठाया जाएगा।
मंत्री के बयान पर विवाद, आगे की कार्रवाई पर नजर
योगेंद्र उपाध्याय के कथित बयान को लेकर आगरा में वैश्य समाज के विभिन्न संगठनों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। महाबैठक में 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग के साथ मंत्री आवास के घेराव, शहर में प्रदर्शन और पुतला दहन की चेतावनी दी गई है।
अब इस मामले में मंत्री की प्रतिक्रिया और संगठन की ओर से आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी। फिलहाल, बैठक में शामिल संगठनों ने अपनी मांग को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे।
