सत्ता की हनक, पुलिस की सुस्ती औ खौफ में पीड़ित!
ताजनगरी आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ भाजपा का झंडा लगी बोलेरो में घूमने वाले दो ‘छुटभैया’ नेताओं ने खुद को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का रिश्तेदार बताकर बेरोजगारी का फायदा उठाया और पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए।
मुख्य बिंदु: क्या है पूरा मामला?
- आरोपी: लोहकरेरा निवासी कथित नेता गोविंद शर्मा और खेमचंद शर्मा।
- कार्रवाई: पुलिस उपायुक्त सैय्यद अली अब्बास के आदेश पर 13 फरवरी को मुकदमा दर्ज (थाना सिकंदरा) हुआ, लेकिन गिरफ्तारी शून्य।
- धमकी: पीड़ित बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि 3.50 लाख रुपये ठगने के बाद अब आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
सिस्टम पर सवाल: डिजिटल साक्ष्य और FIR के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। क्या यह पुलिस आगरा: ऊर्जा मंत्री के ‘कथित’ रिश्तेदारों का आतंक, नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी!
सत्ता की हनक, पुलिस की0और ‘अभयदान’
इन कथित ठगों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपना जाल बुना। ऊर्जा मंत्री के साथ दर्जनों फोटो फेसबुक पर साझा कर क्षेत्र में रुतबा जमाया। हद तो तब हो गई जब पिछले जनवरी में एक बड़े पुलिस अफसर को घर बुलाकर उनके साथ फोटो खिंचवाई और अब वही फोटो पीड़ितों को दिखाकर धमकाया जा रहा है कि: “पुलिस हमारे घर चलकर आती है, तुम हमारा क्या बिगाड़ लोगे?”
⚖️ मंत्री की छवि पर दाग और पुलिस की चुप्पी
एक प्रतिष्ठित मंत्री के नाम का सहारा लेकर जनता को लूटने वाले इन ठगों को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है? पीड़ित अब सपरिवार पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा की गुहार लगाने की तैयारी में हैं। जब इस संबंध में एसीपी हरिपर्वत से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
जनता का सवाल: अगर यही अपराध किसी आम आदमी ने किया होता, तो क्या पुलिस अब तक उसके घर की कुर्की नहीं कर चुकी होती? आखिर इन सफेदपोश ठगों को ‘अभयदान’ क्यों?
