आगरा में PET परीक्षा के अंतिम दिन 49 केंद्रों पर 45,552 अभ्यर्थियों की परीक्षा के बाद भीषण जाम लगा। एमजी रोड पर एक किमी तक वाहनों की कतार लगी और एंबुलेंस भी फंसी।
आगरा। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) के अंतिम दिन रविवार को अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के आगे आगरा की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। शहर के 49 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। इसका सबसे ज्यादा असर एमजी रोड पर देखने को मिला, जहां आगरा कॉलेज के सामने करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति यह रही कि महज दो मिनट में पूरा होने वाला रास्ता तय करने में लोगों को 10 से 12 मिनट तक लग गए। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई, जिससे आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हुई।
परीक्षा छूटते ही सड़कों पर उमड़ी अभ्यर्थियों की भीड़
रविवार को PET परीक्षा का आखिरी दिन था। आगरा के 49 केंद्रों पर कुल 45,552 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। पहली पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे समाप्त होते ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बाहर निकलने और उनके वाहनों के सड़कों पर आने से यातायात का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम जैसे हालात बन गए।
एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने वाहनों की कतार करीब एक किलोमीटर तक पहुंच गई। यातायात पुलिसकर्मी लगातार वाहनों को निकलवाने में जुटे रहे, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के कारण जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एमजी रोड पर जाम में फंसी एंबुलेंस
एमजी रोड पर लगे जाम का असर केवल आम राहगीरों पर ही नहीं पड़ा, बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की लंबी कतार के बीच एक एंबुलेंस भी फंसी रही।
सड़क पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण एंबुलेंस को निकलने में दिक्कत हुई। इस दौरान राहगीरों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। यातायात पुलिसकर्मी जाम खुलवाने और वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने का प्रयास करते रहे।
प्रतिबंध के बावजूद एमजी रोड पर दौड़ते रहे ऑटो
एमजी रोड पर जाम की एक बड़ी वजह प्रतिबंध के बावजूद ऑटो का संचालन भी रहा। सड़क पर जगह-जगह ऑटो चालक वाहन रोककर सवारियां बैठाते और उतारते नजर आए। इससे पीछे चल रहे वाहनों की रफ्तार थम गई और यातायात का दबाव और बढ़ गया।
एमजी रोड पर ऑटो का संचालन प्रतिबंधित है। जिलाधिकारी की ओर से भी इस मार्ग पर ऑटो नहीं चलाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद ऑटो चालकों की आवाजाही और बीच सड़क पर सवारियां उतारने-बैठाने की गतिविधियां जारी रहीं।
परीक्षा जैसे बड़े आयोजन के दौरान प्रतिबंधित मार्ग पर ऑटो संचालन ने यातायात प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
सिकंदरा से भगवान टॉकीज तक कई इलाकों में जाम
पीईटी परीक्षा के अंतिम दिन जाम की समस्या केवल एमजी रोड तक सीमित नहीं रही। सिकंदरा चौराहा, आईएसबीटी, बेलनगंज, घटिया आजम खां और भगवान टॉकीज चौराहे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
परीक्षा केंद्रों के आसपास अभ्यर्थियों की भीड़ और वाहनों की आवाजाही एक साथ बढ़ने से कई सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ सार्वजनिक परिवहन के वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगा। प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था संभालना पुलिसकर्मियों के लिए चुनौती बन गया।
49 केंद्रों पर 45,552 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
आगरा में रविवार को PET परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई।
- कुल परीक्षा केंद्र: 49
- कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 45,552
- पहली पाली के अभ्यर्थी: 22,776
- दूसरी पाली के अभ्यर्थी: 22,776
- पहली पाली का समय: सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक
- दूसरी पाली का समय: दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक
- सेक्टर मजिस्ट्रेट: 49
- स्टेटिक मजिस्ट्रेट: 49
परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। यातायात और अभ्यर्थियों के आवागमन को लेकर संबंधित विभागों को पहले ही निर्देश दिए गए थे।
परीक्षा के बाद यातायात प्रबंधन पर उठे सवाल
PET परीक्षा के अंतिम दिन आगरा में लगे जाम ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर कर दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एक साथ परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलने की स्थिति में प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त यातायात प्रबंधन की जरूरत महसूस हुई।
विशेष रूप से एमजी रोड पर प्रतिबंधित ऑटो संचालन और बीच सड़क पर सवारियां बैठाने-उतारने की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता सामने आई है।
परीक्षा के दौरान पहले से बनाई गई व्यवस्थाओं के बावजूद जब हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर पहुंचे तो यातायात का दबाव संभालना मुश्किल हो गया। अब सवाल यह है कि भविष्य में PET जैसी बड़ी परीक्षाओं और अन्य आयोजनों के दौरान शहर के व्यस्त चौराहों पर जाम से निपटने के लिए क्या अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।
