आगरा विकास प्राधिकरण ने ईआरपी सॉफ्टवेयर किया लांच

Sumit Garg
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-मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने एडीए द्वारा विकसित ईआरपी सॉफ्टवेयर का किया शुभारंभ

– आवंटियों,किरायेदारों व प्लॉट के ले- आउट के डिजिटलीकरण प्रबंधन में मिलेगी सहायता

– प्रथम चरण में अब तक छह मुख्य चलित योजनाओं में 19,340 सम्पत्तियों का डिजिटलीकरण

आगरा। एडीए (आगरा विकास प्राधिकरण) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईआरपी (ERP) सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है। जिसका शुभारंभ मंडुलायक्त रितु माहेश्वरी द्वारा बुधवार को किया गया है। यह ईआरपी प्राधिकरण को आवंटियों, किरायेदारों व प्लॉट ले-आउट आदि के डिजिटलीकरण और प्रबन्धन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
आगरा विकास प्राधिकरण में सम्पत्ति अनुभाग तथा आवंटियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था।सम्पत्तियों का रिकार्ड पूर्ण व ऑनलाइन न होने के कारण आवंटियों को अपना हिसाब देखने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। आवंटियों को अपनी सम्पत्ति से सम्बन्धित इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही थी।
इन समस्याओं के निराकरण हेतु आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ऑनलाइन ईआरपी सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है। इस नवीन ईआरपी सॉफ्टवेयर की कई खासियत है। इसमे आंवटी अपना भुगतान घर बैठे ही कर सकेंगे इससें किसी भी आवंटी को किस्त जमा कराने हेतु प्राधिकरण आने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति नई सम्पत्ति लेना चाहता है तो सभी रिक्त सम्पतियों की जानकरी वह घर बैठकर देख सकता है एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से क्रय किया जा सकता है। प्राधिकरण को मिलने वाले लाभ यथा- सम्पत्ति अनुभाग को बकायेदारों की सम्पूर्ण सूची एक क्लिक पर उपलब्ध होगी तथा बकायेदारों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एस०एम०एस भेजे जाने की भी सुविधा इस नवीन सॉफ्टवेयर में उपलब्ध करायी गई है। बकायेदारों को डिमाण्ड नोटिस भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रत्येक माह में देय किस्तों की आवंटी सूची भी उपलब्ध होगी । प्रथम चरण में अब तक छह मुख्य चलित योजनाओं में 19,340 सम्पत्तियों का डिजिटलीकरण कर लिया गया है। डेटा के सत्यापन हेतु सभी सम्पत्ति लिपिकों तथा सम्पत्ति अधिकारियों से प्रमाण पत्र भी लिये गये हैं। इसके साथ ही योजनाओं के मूल लेआउट तथा पूरक लेआउट से मिलान किया गया है तथा इन सभी लेआउट की सॉफ्ट कॉपी सॉफ्टवेयर में उपलब्ध रहेगी। लेआउट की पूर्णता के सत्यापन हेतु नियोजन विभाग के लिपिकों व अधिकारियों से प्रमाण पत्र भी लिये गये हैं। इन सभी प्रमाण पत्रों को सॉफ्टवेयर में ही अपलोड किया गया है। सॉफ्टवेयर में फीड किये गये डेटा की यथार्थता की जाँच हेतु चैक पेपर सॉफ्टवेयर से निकालकर प्रत्येक सम्पत्ति की फाइल में लगा कर सम्पत्ति विभाग को उपलब्ध करा दिये गये हैं। उपरोक्त डेटा का लैंड ऑडिट रिपोर्ट से भी मिलान किया गया है। पूर्व में प्राधिकरण में लैण्ड ऑडिट रिर्पोट के अनुसार इन योजनाओं में कुल सम्पत्तियों 17414 थीं। डेटा की सम्पूर्णता के लिए अथक प्रयास कर 19953 सम्पत्तियों का डेटा फीड किया गया है।

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प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने इस मौके पर कहा कि इस ईआरपी का शुभारंभ हमारे प्राधिकरण के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस ईआरपी के माध्यम से आवंटियों को सुसंगत सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्साहित है। दस्तावेज सहित सम्पत्ति की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करने वाला यह सॉफ्टवेयर उत्तर प्रदेश में प्रथम बार आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा इस ईआरपी के माध्यम से प्राधिकरण में प्रशासकीय व वित्तीय प्रबंधन सुगम हो जायेगा। इस ईआरपी सॉफ्टवेयर एच० डी०एफ०सी० बैंक के द्वारा उपलब्ध कराया गया है जिसे मै० कम्प्यूटर केन्द्र द्वारा विकसित किया गया है। जिसका यूआरएल www.adaagraservices.org है। लॉच के दौरान उपाध्यक्ष चर्चित गौड़, वित नियन्त्रक, रीता सचान, संयुक्त सचिव सोमकमल , अधिशासी अभियंता पूरन कुमार आदि उपस्थित थे ।

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