सुमित गर्ग अग्रभारत संवाददाता
खेरागढ़। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने और दुकानदारों व उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने कस्बे में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। फूड सेफ्टी मोबाइल वैन के माध्यम से हलवाई एवं किराना प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। अभियान के दौरान कुल 16 नमूने लिए गए, जिनमें 11 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि पांच नमूने फेल हुए।
जांच में पनीर, रसगुल्ला, पेड़ा, बर्फी, काली मिर्च, अरहर दाल, पिसी हल्दी और मिल्क केक सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने मानक के अनुरूप मिले। वहीं बूंदी के लड्डू, सोनपपड़ी और मसूर दाल समेत पांच नमूने जांच में फेल पाए गए। मसूर दाल के नमूने में लाल रंग की मिलावट सामने आई।
फूड सेफ्टी ऑफिसर राकेश कुमार यादव ने बताया कि अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। सभी संबंधित दुकानदारों को मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री से बचने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में मिलावट पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान टीम ने उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि की जांच करने तथा संदिग्ध खाद्य सामग्री की शिकायत संबंधित विभाग से करने के प्रति जागरूक किया।
मिलावट पर विभाग की नजर, अभियान रहेगा जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से कस्बे के खाद्य कारोबारियों में हलचल रही। विभाग ने संकेत दिए हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि की जांच अवश्य करें।
