सुरक्षा में 35 पुलिसकर्मी तैनात, मंदिर समिति विवाद की रही चर्चा
सिकंदरा। शनि अमावस्या और शनि जयंती के अवसर पर रेणुका धाम स्थित शनिदेव मंदिर में शनिवार को श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचे, हालांकि मंदिर समिति में चल रहे विवाद के चलते इस बार भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं, लेकिन अन्य वर्षों की तुलना में संख्या कम देखने को मिली।
भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए। मंदिर से कुछ दूरी पहले ही वाहनों को रोक दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को पैदल ही दर्शन के लिए जाना पड़ा। यमुना घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी के गोताखोर भी तैनात रहे।
धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और पूजा-अर्चना में भाग लिया। शनि जयंती के अवसर पर भक्तों ने भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव भी मनाया। इस दौरान मंदिर परिसर में केक काटकर जयंती मनाने का आयोजन भी किया गया, जो श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।मंदिर समिति में चल रहे विवाद की गूंज मंदिर परिसर में भी सुनाई दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मंदिर कार्यालय पर समिति के नाम में बदलाव को लेकर श्रद्धालुओं के बीच चर्चाएं होती रहीं। कई भक्तों ने इस विवाद को निजी स्वार्थ से जोड़ते हुए नाराजगी जताई और कहा कि इससे उनकी आस्था प्रभावित हो रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, समिति विवाद के कारण इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे विवाद धार्मिक स्थलों की गरिमा को प्रभावित करते हैं।चौकी प्रभारी रुनकता नीलेश शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुल 35 पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिनमें 10 उपनिरीक्षक और 25 आरक्षी शामिल थे, जिनमें महिला व पुरुष दोनों शामिल रहे।
