Mainpuri News, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के थाना बेवर क्षेत्र के गांव खाके ताल में शराब के ठेकों के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा उबाल पर है। गांव में खुले शराब के ठेकों से परेशान दर्जनों महिलाओं और पुरुषों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए इन ठेकों को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाएं अपने गांव में शराबियों द्वारा उत्पन्न अशांति और अभद्र व्यवहार से तंग आ चुकी थीं।
महिलाओं का गुस्सा और शराबियों की अभद्रता
गांव खाके ताल में स्थित शराब के ठेकों के पास अक्सर शराबी शराब पीकर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे गांव में रहने वाली महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं। शराबियों द्वारा किया जा रहा यह व्यवहार गांववासियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इस असमंजस को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कलेक्ट्रेट पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन
आज दर्जनों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर अपनी आवाज उठाई और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यह मांग की गई कि गांव से शराब के ठेकों को हटाया जाए ताकि गांव का माहौल सुरक्षित रहे और महिलाओं को असुरक्षित महसूस न हो। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि शराब के ठेके खुलने से न सिर्फ शराबियों का व्यवहार असहनीय हो गया है, बल्कि समाज में व्याप्त समस्याओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।
किशनी विधायक बृजेश कठेरिया का समर्थन
वहीं, इस मामले में किशनी विधायक बृजेश कठेरिया ने भी गांववासियों को समर्थन दिया और कहा कि अगर जल्द ही शराब के ठेकों को गांव से नहीं हटवाया गया तो वह खुद ग्रामीणों के साथ धरना पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्दी समाधान निकालने की अपील की और कहा कि यह गांव के लोगों का हक है कि वे बिना डर और असुरक्षा के अपने गांव में रहें।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शराब के ठेकों को हटाने का मामला आबकारी विभाग से जुड़ा हुआ है और इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से यह भी आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जल्दी कोई निर्णय लिया जाएगा।
