झाँसी। भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से आज झाँसी में एक महत्वपूर्ण सैन्य-नागरिक समन्वय सम्मेलन का आयोजन किया गया। व्हाइट टाइगर डिवीजन और झाँसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री अनुराग शर्मा की संयुक्त पहल से आयोजित इस सम्मेलन का लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं को गति देना था।
इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता व्हाइट टाइगर डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अतुल कुमार भाट और सांसद श्री अनुराग शर्मा ने की।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा
सम्मेलन की शुरुआत में सांसद अनुराग शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता पर भारतीय सेना को बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हमारे सैन्य शौर्य का प्रतीक है और देशवासियों का गौरव बढ़ाती है।
मेजर जनरल अतुल कुमार भाट ने भारतीय सेना के ‘Whole-of-Nation Approach’ पर जोर देते हुए कहा कि सेना अब केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, आपदा प्रबंधन और सामुदायिक कल्याण में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने नागरिक प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
विकास कार्यों में आने वाली अड़चनें और समाधान
सांसद अनुराग शर्मा ने अपने संबोधन में झाँसी के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को उठाया:
भूमि और NOC की समस्या: उन्होंने बताया कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं अक्सर सेना की भूमि के कारण अटक जाती हैं। उन्होंने भूमि के आदान-प्रदान और NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की प्रक्रिया को तेज करने का सुझाव दिया, ताकि जनहित प्रभावित न हो।
यातायात और बुनियादी ढाँचा: सांसद ने झाँसी कैंट से गुजरने वाले ललितपुर राजमार्ग पर ट्रैफिक लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाने, झाँसी-बबीना मार्ग पर फ्लाईओवर डिवाइडर बनाने और खराब कैंट सड़कों के सुधार की मांग की।
आवारा पशुओं की समस्या: उन्होंने सैन्य क्षेत्र में घूमने वाले आवारा पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने का सुझाव दिया, ताकि सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
संयुक्त जांच प्रणाली: सांसद ने सैन्य, नागरिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त जांच प्रणाली बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके और एजेंसियों के बीच पारदर्शिता बढ़े।
भविष्य की मजबूत नींव
सम्मेलन का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि सेना और प्रशासन मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। इस बैठक में झांसी मंडल के कमिश्नर, डीआईजी, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जो इस साझेदारी की गंभीरता को दर्शाते हैं। यह सम्मेलन भविष्य में सेना और नागरिक प्रशासन के बीच आपसी सहयोग और विश्वास की एक मजबूत नींव साबित होगा।
