आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के निरंतर पर्यवेक्षण हेतु नियुक्त किए जाने वाले एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) के चयन हेतु आगरा जनपद में समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, इसके बावजूद एक माह बाद भी चयन सूची जारी नहीं की जा सकी है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी एवं लापरवाह रवैए के चलते विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य परियोजना निदेशक द्वारा 25 मार्च को जारी आदेश में निर्देशित किया गया था कि समस्त डायट प्राचार्य एवं बीएसए, एआरपी चयन प्रक्रिया को पूर्ण कर सूची राज्य परियोजना कार्यालय एवं सीमैट प्रयागराज को प्रेषित करें। आगरा जनपद में एआरपी पद हेतु 7 फरवरी तक आवेदन मांगे गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित थी। कुल 234 प्राप्त आवेदनों में से 175 को स्वीकृत एवं 59 को अस्वीकृत किया गया। चयन प्रक्रिया के तीनों चरण—लिखित परीक्षा, माइक्रो टीचिंग एवं साक्षात्कार—पूर्ण हो चुके हैं।
इसके बावजूद, जो चयन सूची एक माह पूर्व ही जारी होनी चाहिए थी, वह अब तक जारी नहीं की गई है। जनपद के शिक्षाधिकारियों की अनदेखी एवं शिथिलता के कारण यह अनावश्यक विलंब हो रहा है। इस विषय में बीएसए आगरा से दूरभाष के माध्यम से संपर्क का प्रयास किया गया, परंतु संपर्क नहीं हो सका।
इनका कहना है।
परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एआरपी चयन में हो रही देरी को शीघ्र समाप्त करते हुए सूची जारी की जानी चाहिए। संगठन इस विषय को लेकर शीर्ष विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएगा।
– सुरजीत सिंह, जिला संयोजक, प्राथमिक शिक्षक संघ, आगरा
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