121 बीईओ की सूची में एआरपी शिक्षक कर्ण सिंह धाकड़ का नाम शामिल, सोशल मीडिया पर सूची वायरल होते ही मचा हड़कंप; संशोधित सूची में तीन नाम हटे
अग्र भारत संवाददाता
आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग की तबादला सूची सोमवार को जारी होते ही विवादों में घिर गई। 121 खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) की सूची में आगरा के एक शिक्षक का नाम शामिल कर उसे बीईओ बनाते हुए वाराणसी स्थानांतरित कर दिया गया। सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो विभाग में खलबली मच गई। कुछ ही घंटे बाद शासन स्तर से संशोधित सूची जारी कर दी गई, जिसमें शिक्षक समेत तीन नाम हटा दिए गए।
संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से जारी सूची में 95वें नंबर पर कर्ण सिंह धाकड़ का नाम था। उन्हें आगरा से वाराणसी स्थानांतरित किया गया था। जबकि कर्ण सिंह धाकड़ वर्तमान में कंपोजिट विद्यालय नाई की मंडी में शिक्षक के साथ एआरपी के रूप में कार्यरत हैं। आगरा नगर के बीईओ का पद सुमित कुमार संभाल रहे हैं।सूची सामने आते ही शिक्षक का नाम बीईओ की सूची में देखकर विभागीय स्तर पर सवाल उठने लगे। देखते ही देखते सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय की ओर से आनन-फानन में संशोधित सूची जारी की गई। नई सूची में 121 की जगह 118 बीईओ के तबादले किए गए और तीन नाम हटा दिए गए।
2003 में हुई थी नियुक्ति, विभागीय अधिकारियों के अनुसार कर्ण सिंह धाकड़ की वर्ष 2003 में अलीगढ़ में शिक्षक पद पर नियुक्ति हुई थी। वर्ष 2012 में उनका आगरा तबादला हुआ। वर्ष 2013 में जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पद पर पदोन्नति हुई। वर्ष 2023 में उनका एआरपी के लिए चयन हुआ।
आगरा को मिले पांच नए बीईओ,संशोधित तबादला सूची के अनुसार आगरा को पांच नए खंड शिक्षाधिकारी मिले हैं। इनमें मुजफ्फरनगर से पंकज अग्रवाल, प्रयागराज से कैलाश सिंह, मेरठ से सुदर्शन लाल, कानपुर देहात से कमलेश कुमार और बुलंदशहर से विनोद कुमार को आगरा भेजा गया है। वहीं आगरा से रंजन गुप्ता का तबादला मेरठ किया गया है।तबादला सूची में हुई गड़बड़ी को लेकर विभागीय अधिकारियों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ अधिकारी इसे सूची में हुई त्रुटि बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर अनियमितता मान रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि 121 नामों वाली सूची अनुमति के लिए भेजी गई थी, जिसमें तीन विसंगतियां सामने आने के बाद संशोधन कर 118 बीईओ की सूची जारी की गई। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मामले में अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
