आगरा: भाजपा नेत्री आशा खंडेलवाल का परिवार इस समय सदमे में है. उनके बेटे विशाल खंडेलवाल पर बीते मंगलवार को गणेश विहार, दौरेठा क्षेत्र में जानलेवा हमला हुआ है. आरोप है कि करीब 40 लोगों ने मिलकर विशाल को बेरहमी से पीटा, जिससे वह लहूलुहान हो गए और उन्हें एस.एन. मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. पीड़ित परिवार ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि जानलेवा हमले के बावजूद मामूली धाराओं में केस दर्ज किया गया और घायल का ठीक से मेडिकल भी नहीं कराया गया.
दोस्ती का विवाद बना खूनी जंग
यह पूरी घटना विशाल के बेटे यश और उसके दोस्त करन कुशवाह के बीच के एक विवाद से शुरू हुई. करन नगला गूलर (जगदीशपुरा) का निवासी है. शुरुआती कहासुनी के बाद करन की मां यश के घर पहुंचीं, जहाँ उनकी यश की मां शिवानी से नोकझोंक हुई. मामला शांत होने के बाद, शिवानी को यश के मोबाइल पर करन के उकसाने वाले मैसेज मिले, जिसके बाद उन्होंने करन की मां से बात कर आपत्ति जताई.
इसके बाद करन कुशवाह अपने साथियों सनी डॉन और रोहित के साथ शिवानी के घर आया और गाली-गलौज करने लगा. शिवानी ने किसी तरह उन्हें भगा दिया, लेकिन थोड़ी ही देर में करन अपने छह और साथियों के साथ वापस लौटा और दोबारा बदसलूकी शुरू कर दी. शिवानी ने बताया कि उन्होंने उस समय अपने पति विशाल और बेटे यश को झगड़े से दूर रखा, लेकिन करन ने फोन पर यश को गालियां भेजना जारी रखा. इससे तंग आकर विशाल अपने बेटे के साथ करन से बात करने उसके घर नगला गूलर पहुंचे.
घात लगाकर किया गया बर्बर हमला
विशाल और यश जब करन के घर पहुंचे, तो शिवानी खंडेलवाल के अनुसार, वहाँ पहले से ही करीब 40 लोग मौजूद थे. शिवानी का आरोप है कि यह विशाल और यश को फंसाने की एक सोची-समझी चाल थी. खतरे को भाँपते हुए विशाल ने अपने बेटे यश को वहाँ से भगा दिया, लेकिन हमलावरों ने विशाल को घेर लिया और उस पर बर्बरता से हमला कर दिया. उनके सिर पर लोहे के पाइप से कई वार किए गए, जिससे चार गहरे घाव हो गए. विशाल का पैर टूट गया और सीने पर भी पाइप से मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. उनके हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं.
पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात के आरोप
हमले की सूचना मिलते ही विशाल की पत्नी शिवानी और मां आशा खंडेलवाल तुरंत उन्हें एस.एन. मेडिकल कॉलेज ले गईं. शिवानी का आरोप है कि विशाल की हालत गंभीर होने के बावजूद पुलिस ने ठीक से मेडिकल रिपोर्ट तक नहीं बनवाई.
सबसे चिंताजनक बात यह है कि शिवानी ने हमले के तुरंत बाद जगदीशपुरा पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन एफआईआर अगले दिन दर्ज की गई, और उसमें भी बहुत हल्की धाराएं लगाई गईं. एफआईआर में जानलेवा हमले का कोई जिक्र नहीं है. दर्ज रिपोर्ट में करन कुशवाह, गुड्डी देवी, मुस्कान कुशवाह, केपी कुशवाह, केके कुशवाह, सनी, मिलित, राहुल गुप्ता, रोहित कुशवाह, सतीश और करन सहित 40 अज्ञात हमलावरों के नाम शामिल हैं. इन पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप है.
भाजपा नेत्री आशा खंडेलवाल ने पुलिस के रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि उनके बेटे पर जिस क्रूरता से हमला हुआ, उसे देखना भी मुश्किल था, लेकिन पुलिस का व्यवहार पूरी तरह असंवेदनशील और पक्षपाती रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हमलावरों को बचाने की कोशिश कर रही है और उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है.
