आगरा: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खडकवासला में 30 नवंबर 2025 का दिन, भारतीय सशस्त्र बलों के लिए नए नेतृत्व के उदय का साक्षी बना। NDA के 149वें कोर्स की गरिमामयी पासिंग आउट परेड (POP) ऐतिहासिक खेत्रपाल परेड ग्राउंड पर भव्यता के साथ आयोजित की गई। इस अवसर पर कुल 329 कैडेट्स ने कड़े सैन्य प्रशिक्षण की तीन-वर्षीय चुनौतीपूर्ण यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिनमें 15 महिला कैडेट भी शामिल थीं, जो देश की बदलती सैन्य शक्ति का प्रतीक हैं।
नौसेना प्रमुख ने की परेड की समीक्षा
इस गौरवशाली परेड की समीक्षा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, PVSM, AVSM, NM ने की। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन, सटीकता और जोश से भरे मार्च पास्ट की सराहना की। अपने संबोधन में एडमिरल त्रिपाठी ने युवा अधिकारियों को बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के महत्व पर ज़ोर देते हुए राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पण का आह्वान किया।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “आज आपने जो अनुशासन और तालमेल दिखाया है, वह आपकी तीन साल की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। आप भारत की अगली पीढ़ी के सैन्य नेता हैं। मुझे आपमें देश की शांति, सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प दिखाई देता है।”
‘अंतिम पग’ और गौरवशाली क्षण
परेड का सबसे भावुक क्षण वह था जब पास आउट होने वाले कैडेट्स, बैंड की धुन ‘ऑल्ड लैंग साइन’ (Auld Lang Syne) पर, ‘अंतिम पग’ (Antim Pag) पार करके प्रशिक्षणार्थी से भविष्य के अधिकारी की दहलीज पर कदम रखा। यह क्षण कैडेट्स के लिए एक युग का अंत और एक गौरवशाली करियर की शुरुआत का प्रतीक था। इस अवसर पर कैडेट्स के माता-पिता और परिजन भी मौजूद थे, जिनकी आँखें गर्व और खुशी से नम थीं।
आगरा के कैडेट स्वप्निल गोस्वामी ने बढ़ाया मान
इस विशिष्ट दल में एक नाम आगरा शहर के लिए विशेष गौरव का विषय बना। कैडेट स्वप्निल गोस्वामी, जो आर्मी पब्लिक स्कूल आगरा के पूर्व छात्र रहे हैं, ने 149वें कोर्स से विशिष्टता (Distinction) के साथ पास आउट होकर अकादमी में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और सैन्य कौशल का प्रमाण दिया।
स्वप्निल गोस्वामी के माता-पिता, कर्नल संजय गोस्वामी और श्रीमती सोनाली गोस्वामी, इस उपलब्धि पर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए अविस्मरणीय और सबसे गर्व का क्षण है। स्वप्निल ने कड़ी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है।”
भविष्य के अधिकारियों का अगला कदम
NDA से तीन साल का प्रशिक्षण और स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद, ये कैडेट्स अब अपनी संबंधित प्री-कमीशनिंग अकादमियों (आर्मी के लिए IMA, नेवी के लिए INA, और एयरफोर्स के लिए AFA) में एक वर्ष के गहन प्रशिक्षण के लिए आगे बढ़ेंगे, जिसके बाद उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन मिलेगा।
