मथुरा। प्राथमिक विद्यालय नगला सपेरा, विकास खण्ड चौमुहां में बच्चों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने वाली शिक्षिका श्रीमती भावना गुप्ता को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सुनील दत्त द्वारा निलंबित कर दिया गया है। यह बड़ी कार्यवाही मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मनीष मीना और बीडीओ चौमुहां को प्राप्त शिकायत के बाद की गई।
शिकायत में बताया गया था कि भावना गुप्ता बच्चों के साथ डंडे से मारपीट करती हैं, और उन्हें स्कूल में झाड़ू लगाने तथा शौचालय की सफाई कराने के लिए मजबूर करती हैं। इसके अलावा बच्चों से सिर दबवाने की भी शिकायत आई थी। इस मामले की जांच के लिए सीडीओ ने बीडीओ चौमुहां को आदेश दिए। बीडीओ ने 24 जनवरी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें बच्चों के अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शिक्षिका समय से पहले स्कूल छोड़ देती थीं, जिससे बच्चों के शिक्षण कार्य में व्यवधान उत्पन्न होता था। इस गंभीर मामले के बाद, सीडीओ ने शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बीडीओ चौमुहां की रिपोर्ट और जांच के आधार पर, बीएसए सुनील दत्त ने भावना गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन के दौरान, भावना गुप्ता को विभागीय नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन की अवधि में उन्हें कार्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी चौमुहां पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके अलावा, बीएसए ने खण्ड शिक्षा अधिकारी राया को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है। उन्हें नियमानुसार एक माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट, साक्ष्य सहित, बीएसए को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
शिक्षकों के लिए चेतावनी
यह घटना शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है। बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार, चाहे वह शारीरिक रूप से हो या मानसिक रूप से, किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता है। इस कार्यवाही से अन्य शिक्षकों को भी एक सशक्त संदेश दिया गया है कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, न कि उन्हें शारीरिक और मानसिक यातना देना।
