मकान मालिक ने लोहे का रोशनदान काटकर चोरों के घुसने की दी थी फर्जी सूचना, वीडियो कॉल पर कमरा दिखाने से किया इनकार; घटना के तत्काल बाद पुलिस को भी नहीं दी जानकारी:पीड़ित
चोरी के आरोपों के बाद मकान मालिक ने किराएदार पर ही मकान कब्जाने का लगाया आरोप, थानाध्यक्ष बोले- घटना से पहले जबरन रहने या किराया न देने की नहीं मिली कोई शिकायत
आगरा। अछनेरा थाना क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी में किराएदार के कमरे से 2.40 लाख रुपये चोरी होने का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के 25 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पीड़ित ने मकान मालिक और उसके बेटे पर ही चोरी का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि मकान मालिक ने लोहे का रोशनदान काटकर चोरों के घुसने की कहानी बताई, जबकि मौके पर न तो रोशनदान कटा था और न ही दरवाजे व ताले टूटे थे। इतना ही नहीं, कमरे की स्थिति दिखाने के लिए वीडियो कॉल करने को कहा तो मकान मालिक ने कॉल तक नहीं उठाई। अब मकान मालिक ने भी पलटवार करते हुए किराएदार पर मकान खाली नहीं करने और उसे कब्जाने की मंशा रखने का आरोप लगाया है। सवाल यह है कि यदि किराएदार जबरन मकान में रह रहा था तो चोरी की घटना से पहले इसकी शिकायत पुलिस में क्यों नहीं की गई?पीड़ित ने उक्त मामले की जांच कर रहे दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं,कहा दरोगा जी चोरी की घटना के खुलासे के संबंध में रुपए बरामद करने के बजाय,फैसले की कहते हुए बोले बात बनेगी तो आपको कितने रुपए चाहिए।
अलीगढ़ जिले के खैर थाना क्षेत्र के सोफा नगालिया निवासी अंकुर शर्मा इंडस टावर कंपनी में इंजीनियर हैं। वह अछनेरा की रेलवे कॉलोनी में रामगोविंद मिश्रा के मकान में किराए पर अकेले रहते थे। अंकुर के मुताबिक, उन्होंने कमरे में बने मंदिर के अंदर अपनी एक साल की कमाई और खेती से मिले कुल 2.40 लाख रुपये रखे थे। छह अक्टूबर को वह कंपनी के काम से शिमला चले गए। आठ अक्टूबर की रात करीब 11 बजे मकान मालिक रामगोविंद मिश्रा ने फोन कर बताया कि उनका कूलर चल रहा था। उसे बंद करने के लिए मुख्य गेट का ताला खोलकर अंदर गए तो कमरे का सामान बिखरा पड़ा था और चोरी हो गई थी। मकान मालिक ने लोहे का रोशनदान काटकर चोरों के अंदर घुसने की बात बताई।पीड़ित का कहना है कि वह घर से निकलते समय कूलर और मकान की सभी लाइटें एमसीबी से बंद करके गए थे। उन्होंने तत्काल वीडियो कॉल के जरिए कमरा दिखाने को कहा, लेकिन मकान मालिक ने कॉल नहीं उठाई। पीड़ित का सवाल है कि यदि वास्तव में चोरी हुई थी तो मकान मालिक ने तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? उनका आरोप है कि मौके पर न तो लोहे का रोशनदान काटा गया था और न ही दरवाजा या ताला टूटा था। पीड़ित के पास मकान मालिक से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और मकान पर पहुंचने के बाद बनाई गई वीडियो भी साक्ष्य के रूप में मौजूद होने का दावा है।अंकुर ने आरोप लगाया कि घटना से करीब 10-15 दिन पहले से मकान मालिक लगभग रोजाना रात नौ बजे के आसपास अलग-अलग बहाने से उनके कमरे में आता था। इस दौरान वह अलमारियों को भी देखता था। मकान मालिक को पूरी जानकारी थी कि कमरे में नकदी रखी हुई है। पीड़ित के मुताबिक, कमरे के मंदिर में चांदी की मूर्तियां भी रखी थीं, लेकिन उन्हें हाथ तक नहीं लगाया गया। मंदिर के अंदर रखे 2.40 लाख रुपये गायब हो गए। इसी आधार पर उन्होंने मकान मालिक रामगोविंद मिश्रा और उसके बेटे अंकित मिश्रा पर रुपये चोरी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
चोरी के आरोपों के बाद किराएदार पर पलटवार :मकान मालिक की ओर से अब किराएदार पर ही मकान खाली नहीं करने और मकान पर कब्जा करने की मंशा रखने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किराएदार जबरन मकान में रह रहा था या किराया नहीं दे रहा था तो मकान मालिक ने घटना से पहले पुलिस में इसकी कोई शिकायत क्यों नहीं की? चोरी की घटना के बाद ही किराएदार पर इस तरह के आरोप लगाए जाने से मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। थानाध्यक्ष कुलदीप कुमार ने बताया कि मकान मालिक की ओर से किराएदार के जबरन मकान में रहने अथवा किराया नहीं देने संबंधी घटना से पहले की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मामले के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।पीड़ित की ओर से 14 अक्टूबर को थाना अछनेरा में प्रार्थना पत्र दिया गया था। आरोप है कि घटना के चार दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। अब 25 दिन बीतने के बाद भी न तो चोरी की रकम बरामद हुई और न ही मामले का खुलासा हो सका है। पीड़ित ने विवेचक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी की रकम बरामद करने और आरोपों की जांच करने के बजाय उनसे समझौते की बात की जा रही है। पीड़ित के अनुसार, उनसे पूछा जा रहा है कि अगर बात बनती है तो कितने रुपये लेकर मान जाओगे। ऐसे में पीड़ित ने विवेचना की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
पहले भी चोरी के खुलासों पर उठे थे सवाल :अछनेरा थाना क्षेत्र में पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर भी पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में रही है। क्षेत्र में हुई दर्जनों चोरी की घटनाओं में पांच मामलों के खुलासे को लेकर पहले भी कथित तौर पर फर्जी तरीके से चोरी खोलने के आरोप लगाए गए थे। अब 2.40 लाख रुपये की इस चोरी में 25 दिन बाद भी पुलिस के खाली हाथ रहने और विवेचक पर समझौते की बात करने के आरोपों ने पुलिस की जांच पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी की रकम की बरामदगी और आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।थानाध्यक्ष कुलदीप कुमार ने बताया था कि मकान मालिक ने मकान खाली नहीं करने और किराया न देने का आरोप लगाया है,सवाल किया क्या इनके द्वारा घटना से पूर्व इस संदर्भ में कोई शिकायत की गई है,तो उन्होंने कहा ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है,सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है,जल्द अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
